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160 छात्र को पढ़ाते हैं एक शिक्षक

झारखंड में शिक्षकों की कमी का आलम यह है कि यहां राष्ट्रीय मानक से चार गुणा ज्यादा बच्चे को पढ़ाने की जिम्मेवारी एक शिक्षक पर है। यानि160 छात्र एक शिक्षक के भरोसे हैं। राष्ट्रीय मानक के अनुसार 40 छात्र पर एक शिक्षक की व्यवस्था की गयी है। अलग राज्य गठन के बाद आज तक माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गयी। सरकार की स्पष्ट नीति नहीं होने से मामला लगातार ठंडे बस्ते में है। आलम यह है कि हाइस्कूल में स्वीकृत 70पदों में से तीन हाार से भी कम शिक्षक कार्यरत हैं। प्रोजेक्ट स्कूल में भी बड़े पैमाने पर शिक्षकों के पद खाली हैं। राजकीयकृत, राजकीय एवं प्रोजेक्ट स्कूल में 0 फीसदी प्राचार्य के पद रिक्त हैं। वैसे जेपीएससी ने प्राचार्य के रिक्ति को भरने के लिए अनुशंसा की है। जांच के नाम पर मामला फिलहाल लंबित हैं। इससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

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