अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोदी से सभी नाराज

बिहार भाजपा की बगावत पर प्रदेश प्रभारी कलराज मिश्र की रिपोर्ट ने आलाकमान के कान खड़े कर दिये हैं। मिश्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार के अधिकांश भाजपा विधायक उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और प्रदेश अध्यक्ष राधामोहन सिंह की कार्यशैली से नाराज हैं। इसकी भनक लगते ही आलाकमान को अपने पक्ष में करने के लिये मोदी और राधामोहन ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। सूत्रों ने बताया कि आडवाणी ने बिहार में उभर असंतोष के लिये मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुये अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उधर आलाकमान ने तीन दिन पहले समस्या के समाधान के लिये जो फामरूला निकाला था, जिसमें राधामोहन की छुट्टी तय मानी जा रही थी, उसे बागियों ने यह कहते हुये खारिा कर दिया है कि वे मोदी को हटाये जाने से कम में समझौता नहीं करंगे।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के मुताबिक आलाकमान ने बागियों को यह भी आश्वासन दिया कि वे कर्नाटक चुनाव तक रुक जायें, इसके बाद उनकी बातें मान ली जायेंगी। लेकिन बागी समाधान जल्दी चाहते हैं। बागी विधायकों के सूत्रों ने बताया कि मोदी द्वारा बुलाई जाने वाली विधायक दल की बैठक का वे बहिष्कार करंगे। यदि आलाकमान उनकी बातें नहीं मानेगा तो विधायक इस्तीफा भी दे सकते हैं। हांलाकि आडवाणी से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि इतनी छोटी बातों से नेतृत्व परिवर्तन नहीं होते। उन्होंने इस बात को जरूर माना कि कुछ लोग नाराज हैं और वे घर-घर जाकर उनसे मिलेंगे और शिकायतें दूर करंगे। मोदी ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। दूसरी ओर बागी नेताओं के प्रतिनिधि नंदकिशोर यादव और रामेश्वर चौरसिया भी दिल्ली पहुंच गये हैं। यादव ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष से भेंट की। बिहार का मामला संघ परिवार की देहरी पर भी पहुंचा। मोदी और यादव ने संघ और भाजपा के बीच समन्वय का काम देख रहे सुरश सोनी से मुलाकात कर अपनी बातें रखीं। पूर दिन मोदी और यादव की मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। उधर कलराज मिश्र के लौटने के साथ ही बागी नेताओं के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं। उनको आलाकमान के फैसले का बेसब्री से इंतजार है। कलराज मिश्र ने केन्द्रीय नेतृत्व से मिलकर बिहार की स्थिति की जानकारी दे दी है। उनकी रिपोर्ट पर केन्द्र संभवत: शनिवार को संसदीय बोर्ड की बैठक में विचार करगा। दिल्ली पहुंचे ‘जख्मी’ नेता भी अलग-अलग राष्ट्रीय नेताओं से मिलकर अपने विरोध के स्वर को धार देने में जुटे रहे। विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता बालेश्वर सिंह भारती भी दिल्ली में ही डटे हैं। शुक्रवार को उनकी आडवाणी से मुलाकात हुई। इस बीच प्रदेश नेतृत्व से नाराज चल रहे बागी विधायक एक जगह बैठक नहीं करके पटना में ही अलग-अलग टोलियों में मिलते रहे। मुखर विरोध की जगह असंतुष्ट जमात अपनी एकजुटता के जरिए केन्द्र नेतृत्व तक यह संदेश पहुंचाने में लगा रहा कि यदि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव नहीं किया गया तो पार्टी को लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मोदी द्वारा दिल्ली में दिए इस बयान पर कि वह नाराज विधायकों को मना लेंगे, बागियों में जबरदस्त प्रतिक्रिया रही। विधायक अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि मोदी उन सभी को 7 दिन तो क्या 7 जन्म में भी नहीं मना सकेंगे। वैसे भी केन्द्र का कोई नेता ऐसा कहता तो कोई बात भी थी, मोदी द्वारा दिए गए आश्वासन का उनकी नजर में कोई महत्व नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मोदी से सभी नाराज