DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नक्सल प्रभावित शिकारीपाड़ा का एंट्री प्वाइंट पत्ताबाड़ी

दुमका शहर से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर पत्ताबाड़ी है। आगे बढ़ने पर नक्सल प्रभावित कई इलाके मिलते हैं। मसानजोर जाने का रास्ता भी यहीं से है। सुबह दस बजे के करीब पत्तबाड़ी पहुंचा तो सड़क पर बैरियर लगा हुआ था। यहां पर वन विभाग का चेकनाका भी है। पुलिस के एक अधिकारी ने पूछताछ की। पत्रकार बताने के बाद बातचीत करने लगे। साथ में सलाह दी कि मुख्य सड़क से अंदर की बूथों में ना जाएं तो बेहतर। वैसे जाना चाहते हैं तो रोकेंगे नहीं। सुरक्षा व्यवस्था पूरी है।

पुलिस का यह अंदाज डराने जैसा हो या न हो लेकिन माहौल बेहद संजीदा था। अन्य क्षेत्रों की तरह इस इलाके में खुलकर लोग बातचीत नहीं कर रहे थे। एसएसबी के एक जवान नायडू कहते हैं कि आसपास के तकरीबन सौ बूथ जो हायपर सेंसिटिव हैं,वहां पेट्रोलिंग में वाहन का उपयोग नहीं कर रहे हैं। जंगल में पैदल तथा बस्तियों में बाइक के सहारे दो-दो जवान निगरानी रख रहे हैं। वैसे पुलिस भी इन इलाकों में बुहत घूम-फिर नहीं रही थी। मुख्य सड़क के आसपास ही पेट्रोलिंग टीम की चहलकदमी देखने को मिली। हालांकि मतदान हर बूथ पर हुआ है और प्रतिशत भी संतोषजनक बताया जा रहा है।

संताल परगना के कई इलाके अब खतरनाक हो गए हैं। शिकारीपाड़ा-पत्ताबाड़ी, काठीकुंड के अलावा गोपीकांदर, रामगढ़, आमरापाड़ा, पाकुड़िया, लिप्तीपाड़ा, नारायणपुर जैसे कई इलाके इस सूची में हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नक्सल प्रभावित शिकारीपाड़ा का एंट्री प्वाइंट पत्ताबाड़ी