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हर क्षेत्र में एग्रो-फोरस्ट्री की भूमिका

आइसीएआर के नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट के डीडीाी डॉ एके सिंह ने कहा कि एग्रो-फॉरस्ट्री की भूमिका हर क्षेत्र में है। खाद्यान्न के साथ पौष्टिक सुरक्षा भी जरूरी है। ऐसे में इसकी जरूरत मनुष्य और जानवरों को भी है। मौसम में बदलाव और फसल उत्पादन-उत्पादकता को बढ़ाने में यह सहायक है। डॉ सिंह 26 अप्रैल को बीएयू के बायो टेक्नोलाजी सभागार में अखिल भारतीय कृषि वानिकी समन्वयक परियोजना की बैठक में बोल रहे थे। विवि के वीसी डॉ एनएन सिंह ने कहा कि भारत में जल, जंगल, जमीन एवं विभिन्न जलवायु है। आबादी बढ़ने से यह उाड़ते और बदलते जा रहे हैं। हमें जंगल कटाव को रोकना होगा, ताकि इसपर निर्भर 3.50 करोड़ ग्रामीण लोगों का विकास हो सके। एग्रो-फॉरस्ट्री का काम काफी पहले से होता रहा है। साउथ एशिया के क्षेत्रीय प्रतिनिधि डॉ वीपी सिंह ने एग्रो-फॉरस्ट्री का लोगों के जीवन, भूमि कटाव, फसल उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला। प्रोजेक्ट के को-ऑडिनेटर डॉ एसके ध्यानी ने इसके उद्देश्य, कार्यक्रमों की उपलब्धि एवं योजनाओं के बार में विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

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