DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विकास की नई इबारत लिख सकते भारत-नेपाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भारत और नेपाल मिलकर पूर एशिया में विकास की नई इबारत लिख सकते हैं। वे शनिवार को ‘भारत-नेपाल संबंधों के नये आयाम’ विषय पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन कर रहे थे। इसका आयोजन भारत के विदेश मंत्रालय ने राज्य सरकार के सहयोग से किया है। दो दिनों तक चलने वाले इस सेमिनार के उद्घाटन में केन्द्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश भी मौजूद थे।ड्ढr ड्ढr श्री कुमार ने कहा कि भारत और नेपाल में व्यापार को अधिक कारगर बनाने के लिए सीमा के चार स्थानों पर समेकित चेकपोस्ट बनाया जा रहा है। रक्सौल और जोगबनी में भी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बन रहा है। सीमा क्षेत्रों में 1500 किलोमीटर सड़क बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पांच स्थानों पर भारत-नेपाल सीमा के आर-पार रल लाइन बनाने की परियोजना पर विचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में बरसात के समय नेपाल की चर्चा ज्यादा होती है। जल संसाधन के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग से सिंचाई सुविधा बढ़ेगी और बाढ़ का निदान होगा। नेपाल से आने वाली नदियों के तटबंधों के विस्तार में मिलकर काम करने का प्रयास किया जाएगा। नेपाल के पनबिजली क्षेत्र में भारत के निजी क्षेत्र की सहभागिता बढ़ी है। इसे और बढ़ाने का प्रयास होगा। नेपाल की भौतिक योजना व निर्माण मंत्री श्रीमती हिसिला यामी ने कहा कि नेपाल में चुनाव के दौरान भारत ने जो सहयोग किया वह सराहनीय है। भारत पहला देश था जिसने नेपाली जनता के जनादेश का सम्मान किया। यह जनादेश एक सामंती देश को संघीय जनवादी गणतंत्र में बदलने का जनादेश है। नेपाल अपने विकास के लिए न केवल भारत को बल्कि बिहार को भी समृद्ध देखना चाहता है। इस मौके पर नीतीश कुमार ने भारतीय दूतावास द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘बिइंग टुगेदर, ग्रोइंग टुगेदर’ का लोकर्पण किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विकास की नई इबारत लिख सकते भारत-नेपाल