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सन्नाटे में रहा पहला थाना दिवस

पहला थाना दिवस तो सन्नाटे में बीत गया। कहीं लोग नहीं आए तो कहीं अधिकारी ही नदारद रहे। मुख्यमंत्री मायावती ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान हर शनिवार को थाना दिवस आयोजित करने का आदेश दिया था। उनके इस आदेश को अफसरों ने फिलहाल गंभीरता से नहीं लिया है। थाना दिवस का प्रचार ही नहीं किया गया।ड्ढr लखनऊ में 1864 शिकायतें आई जिसमें से मामले मौके पर ही निस्तारित कर दिए गए। 365 मामलों में मुकदमा दर्ज हुए जबकि 514 प्रकरण राजस्व विभाग को सौंप दिए गए। डीाीपी मुख्यालय से प्राप्त आँकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 502 प्रकरण लखनऊ में आए और सबसे कम मामले इलाहाबाद में। राजधानी में जो आँकड़ा पेश किया गया उन मामलों को भी शामिल कर लिया गया है जो आम घटना के रूप में सामने आए थे।ड्ढr सुल्तानपुर में शनिवार को थानों में फरियादियों का टोटा रहा। जयसिंहपुर में छह, गोसांईगंज में चार, हलियापुर व बाजारशुकुल थाने में तीन-तीन फरियादियों ने अपनी बात रखी। अमेठी में आठ, कादीपुर में छह, कुड़वार में आठ व कोतवाली देहात थाने में नौ लोगों ने शिकायत दर्ज की। कोतवाली नगर थाने में 10 लोग आए। ज्यादातर थानों में अधिकारी गए ही नहीं। पुलिस ने ही फरियादियों की शिकायत सुनी। कोतवाली देहात में भूमि विवाद की शिकायत लेकर आए रामदीन ने बताया कि पुलिस को भला कहाँ उसकी शिकायत से वास्ता।ड्ढr रायबरली में भी अफसर तय समय से आधा घंटा देर से थानों में पहुँचे। लखीमपुर-खीरी के जिला मुख्यालय के थाना दिवस में महज चार शिकायतें आईं तो जिले के अधिकतर स्थानों पर अधिकारी थाना दिवस में फरियादियों का इंतजार ही करते रहे। गोण्डा में थाना दिवस पूरी तरह रस्मी रहा। कोतवाली देहात के थाना दिवस में जिलाधिकारी मुक्तेश मोहन मिश्र भी पहुँचे। बमुश्किल 15 मिनट ही रहे। बलरामपुर,फैााबाद में थाना दिवस में फरियादी से ज्यादा कर्मचारी ही नजर आए। बहराइच में कोतवाली नगर में सिर्फ तीन फरियादी उपस्थित हुए। बस्ती में डीआईाी के के त्रिपाठी बस्ती के लालगंज तथा संतकबीरनगर के महुली थाने पर गए। उन्होंने माना कि प्रचार के अभाव में कम फरियादी पहुँचे।

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