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प्रचार सीडी में आयोग का ‘वायरस’

निर्वाचन विभाग को सत्तारूढ़ जद यू और राजद की प्रचार सीडी रास नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने इनके आपत्तिजनक अंशों में संशोधन के लिए दोनों दलों को वापस भेज दिया है। ऐसे नाजुक दौर में जबकि चुनाव प्रचार चरम है, सीडी के लौटाए जाने से इन दलों के प्रचार अभियान को झटका लग सकता है। विभाग के सूत्रों ने बताया कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा पार्टी की नीतियों-सिद्धांतों और कार्यक्रमों के प्रचार के लिए अगर कोई सीडी या फिल्म तैयार की जाती है तो इसे राज्यस्तर पर बनी विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी के पास भेजा जाता है। यह कमेटी एक तरह से फिल्म सेंसर बोर्ड की तरह काम करता है। इसके द्वारा ओके किए जाने के बाद ही इसे किसी टीवी चैनल पर दिखाया जा सकता है। कमेटी के सदस्यों में विभाग के एक अधिकारी, पटना के डीएम और पीआईबी के निदेशक स्तर के अधिकारी हैं। हाल में जद यू ने पूर मनोयोग से आले दर्जे के मीडिया एक्सपर्ट से यह प्रचार सीडी बनवाई थी। बताया जाता है कि कांग्रस के ‘जय हो’ और भाजपा के ‘भय हो’ से अलग थीम वाली इस सीडी में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी शूटिंग की थी।ड्ढr ड्ढr वहीं दिल्ली में तैयार हुई राजद की सीडी में मुख्यत: रल मंत्री के तौर पर लालू प्रसाद द्वारा किए गए कार्यो और बाढ़पीड़ितों के चलाए गए राहत कार्यो का जिक्र है। दोनों दलों ने अपनी-अपनी सीडी विभाग की कमेटी के पास भेजी थी। सूत्रों के मुताबिक तीनों सदस्यों ने सीडी का काफी बारीकी से अध्ययन किया और इसके कुछ अंशों पर एतराज जताया। उनका मानना था कि इनके कुछ दृश्य स्वस्थ चुनावी माहौल के अनुकूल नहीं हैं। निर्धारित मानदंडों पर खरा नहीं उतरने के कारण इसे दोनों दलों को संशोधन के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। इस बाबत दोनों दलों को पत्र भेजे गए हैं।ड्ढr ड्ढr इस मुद्दे पर जदयू के प्रवक्ता शिवानन्द तिवारी ने कहा कि उनको इसकी कोई जानकारी नहीं है। राजद के प्रदेश महासचिव रामबचन राय ने बताया कि निर्वाचन विभाग की इजाजत के लिए सीडी भेजी तो गई थी मगर इस पर उसके किसी एतराज के बार में उनको जानकारी नहीं है।ं

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