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कंछल की पिटाई के विरोध में लखनऊ बंद

व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल की पिटाई के विरोध में व्यापार संगठनों की ओर से बुलाये गये ‘लखनऊ बन्द’ का व्यापक असर रहा। राजधानी के हजरतगंज, अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज अहियागंज, लाटूश रोड, हीवेट रोड, चारबाग, आलमबाग, सरोजनी नगर तथा भूतनाथ, निशातगंज और अलीगंज समेत गोमती पार के सभी प्रमुख बाजारों में पूरे दिन अभूतपूर्व बन्दी रही। खास बात यह रही कि अलग-अलग संगठनों के प्रभाव वाले सभी बाजारों के व्यापारियों ने एकजुटता की मिसाल पेश की।

 बन्दी के दौरान सभी प्रमुख बाजारों के व्यापारी अपने-अपने इलाकों से निकलकर हजरतगंज चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा पर जमा हुए और शुक्रवार को व्यापारी नेता कंछल पर वकीलों के जानलेवा हमले का खुलकर विरोध किया। इस दौरान हुई सभा को बनवारी लाल कंछल तथा विभिन्न संगठनों के नेताओं ने सम्बोधित किया। उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि दोषियों को मंगलवार से पहले गिरफ्तार कर जेल में नहीं डाला जाए और उनके खिलाफ रासुका लगाया जाए वर्ना प्रदेश भर के व्यापारी सड़कों पर उतर आएंगे। कंछल ने डीजीपी व अन्य अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। कंछल ने रविवार को अपने संगठन के पदाधिकारियों की लखनऊ में बैठक बुलाई है जिसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।

लखनऊ के व्यापार जगत के इतिहास में हुई इस तरह की पहली घटना का जिक्र करते हुए गांधी प्रतिमा पर व्यापारी नेताओं ने कहा कि सबसे ज्यादा जिस समाज या पेशे पर उनका विश्वास है, वही वर्ग उनके खिलाफ खड़ा हो यह वे कतई नहीं चाहते। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और फौजदारी मामलों के हल के लिए व्यापारी सिर्फ वकीलों को आंख बन्द कर अपना सारा दस्तावेज सौंपते हैं। अगर इस विश्वास में दरार पड़ गई तो फिर समाज का बड़ा नुकसान होगा।

उनका कहना था कि व्यापारी वर्ग ने कभी अधिवक्ता वर्ग को अपमानित नहीं किया। सभा के बाद व्यापारी नेताओं ने रविवार को प्रस्तावित बैठक के बाद अगली रणनीति का ऐलान करने की बात कही।

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  • Web Title:कंछल की पिटाई के विरोध में लखनऊ बंद