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सिगरेट पर सख्ती से होगी हजारों करोड़ की बचत

सिगरेट पर सख्ती से होगी हजारों करोड़ की बचत

भारत सरकार ने खुली सिगरेट की बिक्री पर पाबंदी लगाने का मन बना लिया है। आने वाले दिनों में इससे जुड़ा विधेयक पास किया जा सकता है। भारत में 70 फीसदी सिगरेट की बिक्री खुले पैकेट से ही होती है। ऐसे में खुली सिगरेट की बिक्री पर पाबंदी को अच्छी पहल माना जा रहा है लेकिन देश में खुली सिगरेट बेचने वाले 70 से 80 लाख खोखे मौजूद हैं जहां इस कानून को लागू कराना आसान नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक सिगरेट से होने वाली बीमारियों के इलाज में हर साल 13,500 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं।

करोड़ों रुपये की बर्बादी
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक सिगरेट से होने वाली बीमारियों की वजह से देश को हर साल 13,500 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। यह देश के हेल्थ बजट के एक तिहाई से भी ज्यादा है। यानि देश के हेल्थ बजट का एक तिहाई हिस्सा सिगरेट से होने वाली बीमारी के इलाज में उड़ जाता है। देश में 12 करोड़ लोग सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं यानि हर नौवां भारतीय सिगरेट से अपनी जान जोखिम में डालता है। तंबाकू कंट्रोल पॉलिसी इवेल्यूशन प्रोजेक्ट इंडिया के मुताबिक साल 2020 तक भारत में सिगरेट से 15 लाख लोगों की मौत होगी। पैसिव स्मोकिंग भी लोगों के लिए बड़ी समस्या है।

पांच में एक मौत धूम्रपान से
भारत में हर पांचवें आदमी की मौत स्मोकिंग की वजह से होती है। इतना ही नहीं 20 में से एक महिला की मौत भी स्मोकिंग से होती है। यह जानकारी भारत सरकार के एक सर्वे में सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में भारत में तंबाकू से होने वाली मौत की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। बट्रेन के ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के एक शोध में सामने आया है कि एक सिगरेट पुरुष की जिंदगी से 11 मिनट कम कर देती है। यानि 20 सिगरेट के एक पैकेट से इंसान अपनी जिंदगी 3 घंटे 40 मिनट कम कर लेता है। धुम्रपान करने वाले पुरुष औसतन अपनी जिंदगी के छह साल कम कर लेते हैं वहीं महिलाएं स्मोकिंग से अपनी जिंदगी आठ साल छोटी कर लेती हैं।

भारत में सस्ती है सिगरेट
केन्द्र सरकार ने हाल में ही बिक्री कम करने के लिए सिगरेट पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया है जिससे सिगरेट के दाम बढ़ गए हैं लेकिन अब भी भारत में सिगरेट दुनिया के ज्यादातर देशों के मुकाबले बेहद सस्ती है। उदाहरण के लिए भारत में एक मशहूर सिगरेट ब्रैंड के एक पैकेट की कीमत 1.93 डॉलर है जबकि ऑस्ट्रेलिया में इसकी कीमत 16.23 डॉलर है और सिंगापुर में 9.43 डॉलर है। भारत में सिगरेट श्रीलंका से भी सस्ती है। हाल में ही दक्षिण कोरिया ने भी सिगरेट के दाम दोगुने किए हैं।

नहीं होंगी 1.89 करोड़ मौतें 
भारत सरकार ने हाल में भले ही सिगरेट पर टैक्स बढ़ा दिया हो लेकिन अब भी भारत उन देशों में शामिल है जहां सिगरेट पर टैक्स बेहद कम है। इस मामले में भारत पाकिस्तान और बंग्लादेश जैसे देशों से भी पीछे है। ब्लूमबर्ग की ‘टोबेको टैक्सेशन इन इंडिया’ रिपोर्ट के मुताबिक अगर भारत सरकार प्रति एक हजार बीड़ी स्टिक पर टैक्स 14 रुपये से बढ़ाकर 98 रुपये कर दे और प्रति एक हजार सिगरेट पर टैक्स 659 रुपये से बढ़ाकर 3691 रुपये कर दे तो भारत में स्मोकिंग करने वाले 1.89 करोड़ लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इतना ही नहीं इससे भारत सरकार को 183.2 अरब रुपये का अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में तंबाकू उत्पादों के रूप में बीड़ी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। स्मोकिंग के रूप में इस्तेमाल होने वाले कुल तंबाकू का 85 फीसदी बीड़ी के रूप में इस्तेमाल होता है।

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