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मध्यम वर्ग के लिए बनेंगे कम कीमत के फ्लैट: अखिलेश

शहरों में मध्यम वर्ग के लिए 15 से 30 लाख रुपए तक की कीमत के दो बीएचके फ्लैट बनाएं जाएंगे। यह फ्लैट प्राइवेट बिल्डर, विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद कोई भी बना सकेगा। सरकार इसके लिए उनको सुविधाएं भी देगी।

यह फैसला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री 15 या 16 जनवरी को इस योजना की बाकायदा शुरुआत करेंगे। इसी योजना के तहत गरीबों के लिए भी सस्ते मकान बनाए जाएंगे।

कैबिनेट ने शहरों में अनुपयोगी पड़ी बड़ी जमीनों (बीमार उद्योगों और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट आदि) के लिए फ्री होल्ड नीति को मंजूरी दी है। अभी तक केवल छोटे प्लाट के लिए ही फ्री होल्ड नीति थी। कैबिनेट ने भू उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वजर्न) के लिए भी नियमावली को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने हाईटेक पालिसी में भी थोड़ा संशोधन किया है।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने पत्रकारों को बताया कि आवास नीति में यह तय किया गया है कि मध्यम वर्ग के लिए 15 से 30 लाख रुपए तक के दो बीएचके फ्लैट बनाने वाले प्राइवेट बिल्डरों, विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को पांच एकड़ से लेकर सौ एकड़ जमीन दी जाएगी। साथ ही कई सुविधाएं भी दी जाएंगी। दो बीएचके कम से कम 75 वर्गमीटर में होना चाहिए और उसमें लैट्रीन, बाथरूम और किचन होना चाहिए। इनको इस जमीन में 60 फीसदी फ्लैट मध्यम वर्ग के लिए बनाने होंगे। इन फ्लैटों की कीमत यही रहेगी जो कैबिनेट ने तय की है। यह बढ़ेगी नहीं। क्वालिटी भी मानकों के अनुसार देनी होगी। अच्छी क्वालिटी के फ्लैट बनाने वालों को पुरस्कार भी सरकार देगी।

जमीन की कीमत तय
सरकार ने जमीन की कीमत भी तय कर दी है। यानी गाजियाबाद आदि एनसीआर क्षेत्र में तीन हजार रुपए वर्गफुट, लखनऊ जैसे मेट्रो सिटी में 2800 रुपए वर्ग फुट और अन्य छोटे शहरों में 2500 रुपए वर्ग फुट के हिसाब से जमीन के रेट लगाएंगे। यही रेट विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को भी देना होगा। डीएम चाहें तो ग्रामीण क्षेत्र में भी ऐसी योजना बना सकते हैं।

कई तरह की छूट मिलेगी
सदाकांत ने कहा कि इस योजना के तहत सभी कम्युनिटी सुविधाएं देनी होंगी। सरकार ऐसे बिल्डरों, विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद से बाहरी विकास शुल्क नहीं लेगी। स्टांप ड्यूटी पर भी छूट रहेगी। कृषि की जमीन का लैंड यूज भी फ्री होगा। इस योजना के तहत आवास बंधु में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। वहां पर योजना की स्पेशल सेल बनेगी। सिंगल विंडो सिस्टम क्लीयरेंस का रहेगा। डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मंजूर होने के एक साल में काम शुरू करना होगा और पांच साल में प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। इस योजना में वर्ष 2016 तक तीन लाख फ्लैट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे मध्यम वर्ग के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।

-- लैंड यूज कन्वजर्न नियमावली को मंजूरी--
कैबिनेट ने लैंड यूज कन्वजर्न चार्जेज नियमावली को मंजूरी दे दी है। अभी तक इसके लिए कोई नियमावली नहीं थी। केवल शासनादेश जारी करके चार्जेज लिए जाते थे। हाईकोर्ट ने भी कहा कि इसकी नियमावली बनाइए। नियमावली बनने से एक पारदर्शी व्यवस्था रहेगी। लोगों को पता रहेगा कि विकास प्राधिकरण सही पैसा मांग रहे हैं या गलत।

-- हाईटेक पालिसी में बदलाव--
कैबिनेट ने हाईटेक पालिसी में भी कुछ बदलाव किया है। हाईटेक पालिसी में यह प्राविधान था कि 1500 एकड़ में हाईटेक टाउनशिप  तीन चरणों में बनेगी। कम से कम तीन सौ एकड़ जमीन लेने के बाद ही हाईटेक पालिसी के तहत मंजूरी दी जाएगी। अब यह जमीन तीन सौ एकड़ से घटाकर दो सौ एकड़ कर दी है। यानी दो सौ एकड़ जमीन होने पर भी बिल्डर को हाईटेक टाउनशिप की मंजूरी दे दी जाएगी।

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