DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भूमि विवाद में पूर्व प्रधान के कुनबे पर कातिलाना हमला

झूंसी के नीबी भतकार गांव में शनिवार की सुबह जमीन के विवाद को लेकर पट्टीदारों ने पूर्व प्रधान और उसके कुनबे पर लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हमला बोल दिया। दहशत फैलाने के लिए तमंचे से हवाई फायरिंग की गई। फायर की आवाज पर गांव के लोग दौड़े तो हमलावर भाग निकले। हमले में पूर्व प्रधान, उसके बेटे, बीवी और भतीजे घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए एसआरएन में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से हमलावर फरार हैं। शाम तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। गांव में सुरक्षा के मद्देनजर सिपाहियों को तैनात किया गया है।

नीबी भतकार गांव के प्रधान शक्ति सिंह के पिता रामसूरत यादव पहले प्रधान रह चुके हैं। रामसूरत का उनके पट्टीदार पारस से छह बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पारस का कहना था कि जमीन उसके पिता बाबादीन ने कई साल पहले खरीदी है। रामसूरत आदि का कहना है कि उस जमीन में उनका हिस्सा है। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच रंजिश है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दो दिन पहले पारस ने उस जमीन के एक हिस्से में सबमर्सिबल लगवाना शुरू किया। रामसूरत ने इसकी शिकायत झूंसी थाने में की। पुलिस ने दोनों पक्षों को शनिवार को समाधान दिवस पर आने के लिए कहा था। आरोप है कि इसके बाद भी पारस ने बोरिंग का काम बंद नहीं कराया। शनिवार को रामसूरत पारस के घर पर उससे काम बंद करने के लिए कहने गए थे। इस पर पारस ने अपने परिजन भारत, महेन्द्र, आशुतोष और राजेन्द्र के साथ मिलकर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे के साथ फरसा और बल्लम भी चला। बीच-बचाव करने पहुंचे रामसूरत के बेटे धीरज, पत्नी ननकी, भतीजे रमेश को भी पीटा गया। तमंचे से हवाई फायरिंग की गई। गांव के लोग दौड़े तो हमलावर भाग निकले। घटना स्थल से 315 बोर कारतूस का एक खोखा मिला है। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए एसआरएन में भर्ती कराया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि घटना की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

समाधान के पहले मचा घमासान
शासन ने पुलिस और राजस्व से जुड़े मामलों का हल निकालने के लिए हर शनिवार को थानों में समाधान दिवस की व्यवस्था की है। दो दिन से पारस और रामसूरत के बीच सुलग रही विरोध की चिंगारी को शांत कराने की बजाय पुलिस ने उन्हे समाधान दिवस पर बुलाया। ऐसे में समाधान से पहले ही उनमें घमासान हो गया।

नहीं उठा कंट्रोल रूम का फोन
पूर्व प्रधान रामसूरत के भतीजे रमेश ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे से वह पुलिस कंट्रोल रूम में फोन लगाते रहे लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में उन्हे थाने आकर घटना की जानकारी देनी पड़ी। इसके बाद पुलिस पहुंची और घायलों को एसआरएन भेजा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भूमि विवाद में पूर्व प्रधान के कुनबे पर कातिलाना हमला