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भारत में 400 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार

भारत में 400 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार

अगस्त में एनआईए को पाकिस्तान में पल रहे 400 आतंकियों के भारत में घुसपैठ करने की सूचना मिली थी। इनमें आईएसआई के नियंत्रण वाली बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) और मुजाहिद बटालियन के सदस्य शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी गोलीबारी के दौरान पाक अधिकृत चौकियों पर इन दोनों संगठनों का जमावड़ देखा गया है। खुफिया सूचना के मुताबिक पाकिस्तान में 48 ऐसे प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं, जहां पर सेना और आईएसआई द्वारा बैट या फिर मुजाहिद बटालियनों को तैयार किया जाता है। फिलहाल इन शिविरों में करीब 400 आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने के  लिए मौके  की तलाश में हैं। इन आतंकियों को गोलीबारी की आड़ में सीमा पार कराई जाएगी या फिर सर्दियों में घने कोहरे के दौरान वे घुसपैठ का प्रयास करेंगे। पाक की योजना है कि जनवरी-2015 तक बड़ी संख्या में आतंकियों को सीमा पार कराकर जम्मू-कश्मीर में भेज दिया जाए।

बैट का सहारा क्यों: जम्मू कश्मीर में सीमा पार से अब घुसपैठ के लिए बैट को आगे लाया जा रहा है। मुजाहिद बटालियन भी बैट की तरह काम करती है। इनके सदस्य जब कभी भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाते हैं तो उन्हें बड़ी आर्थिक सहायता और शहीद का दर्जा मिलता है।

सुरंगों की आशंका : खुफिया एजेंसियों के अनुसार, भारत-पाक सीमा पर करीब 16 स्थानों पर सुरंग होने की आशंका है। दो साल पहले जम्मू-कश्मीर के सांभा जिले में जमीन से 25 फुट नीचे खोदी गई एक सुरंग का पता लगा था। इसके बाद जम्मू में ही दूसरी सुरंग का पता चला।

एनआईए ने कसा शिकंजा
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे बड़े आतंकी संगठनों को पाक, दुबई और मध्य पूर्व के कई देशों से आर्थिक मदद मिलती है। एनआईए ने अब आतंकियों को धन सप्लाई वाले कई संगठनों पर शिकंजा कस दिया है।

पाक तालिबान बड़ी चुनौती : बीएसएफ के  अफसरों का कहना है कि पड़ोसी मुल्क में बढ़ रही आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान की गतिविधियां निकट भविष्य में भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। हिजबुल और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन इसके संपर्क में हैं।

मिलती है फौजी ट्रेनिंग : सीमा पार के इलाकों में बैट और मुजाहिद बटालियन भले ही होमगार्ड जैसे बल की श्रेणी में आते हैं। मगर इन्हें हर तरह का सैन्य प्रशिक्षण मिलता है। इनके हथियार किसी भी रूप में सेना या पुलिस से कम नहीं होते। वहां इन दोनों एक नियमित और सशस्त्र संगठन का दर्जा हासिल है। इन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण देने के लिए सेना और रेंजर्स के  अफसरों की आवाजाही लगी रहती है।

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  • Web Title:भारत में 400 आतंकी घुसपैठ को तैयार!