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योजना आयोग को मिलेगा नया स्वरूप

योजना आयोग को मिलेगा नया स्वरूप

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि राज्यों को सशक्‍त बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकता है और इसी क्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श कर योजना आयोग के नए स्वरूप को अंतिम रूप दें सकते हैं।

जेटली ने एक आर्थिक सम्मेलन की शुरुआत करते हुये कहा कि राष्ट्रहित के मुद्दे पर सर्वसम्मत राय होनी चाहिए और राज्यों को सशक्‍त बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 12 वर्ष तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केन्द्र से धनराशि मांगने में राज्यों के पास आ रही समस्याओं से भली-भांति अवगत हैं।

उन्होंने कहा कि योजना आयोग के तहत अभी देश में 100 से अधिक कार्यक्रम हैं लेकिन मूलरूप से करीब 65 कार्यक्रम ही संचालित हो रहें हैं। पुराने और अव्याहारिक हो चुके कार्यक्रमों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यों को किस कार्यक्रम की जरूरत है, यह भी पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को गुजरात की तरह की मनेरगा की जरूरत होगी या नहीं,  यह भी पता होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कल मोदी ने लोकसभा में कहा था कि योजना आयोग के नये स्वरुप पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है और इसी क्रम में वह सात दिसंबर को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलने वाले हैं। योजना आयोग को पहले भी वर्तमान आवश्यकताओं के अनरूप नया स्वरुप देने की चर्चायें होती रही है। राजनीतिक स्तर पर ऐसी चर्चायें हैं कि मोदी द्वारा बुलायी गयी इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संभवत: भाग नहीं लेंगी। 

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