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रामपाल के लिए फर्जी मेडिकल बनाने वाला पूर्व सीएमओ गिरफ्तार

विवादित स्वयंभू संत रामपाल के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। रामपाल ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेशी से छूट हासिल करने के लिए यह प्रमाण पत्र बनवाया था।

पुलिस अधीक्षक सतेन्दर कुमार गुप्ता ने आज यहां कहा, पूर्व सीएमओ डॉ. ओमप्रकाश हुड्डा को गिरफ्तार कर लिया गया है जो रामपाल का अनुयायी है। उन्होंने कहा कि डॉ. हुड्डा ने रामपाल को फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया था जबकि वास्तव में वह बीमार नहीं था। यह स्पष्ट अपराध है और पेशेवर कोड एवं नैतिकता का उल्लंघन है।

इस बीच ब्रॉडकास्टिंग एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) के दो सदस्यीय दल ने सतलोक आश्रम का दौरा किया और रामपाल के खिलाफ 18 नवम्बर को हुई कार्रवाई के दौरान पत्रकारों पर पुलिसिया हमले के बारे में सूचना इकट्ठी की। बीईए के महासचिव एन के सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में टीम ने पाया कि पत्रकार अपना काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन पर पुलिस हमला पूरी तरह निंदनीय और अनुचित है।

उन्होंने कहा कि टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। गुप्ता ने कहा कि पुलिस रामपाल के 45 समर्थकों की अब भी तलाशी कर रही है। उन्होंने कहा, मुख्य अनुयायी राहुल और रोहित जो प्रवक्ता के रूप में भी काम करते थे, वे फरार हैं और रामपाल की गतिविधियों पर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

बहरहाल बरवाला के सबडिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रशांत ने सतलोक आश्रम से बरामद खाद्यान्नों की नीलामी की। एसडीएम ने कहा, नीलामी पूरी होने में करीब 12 घंटे लगे। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश पर नीलामी हुई थी इसलिए इससे प्राप्त राशि को अदालत में जमा कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नीलामी में 117 व्यवसायियों ने हिस्सा लिया और इसके लिए राशि जमा कराई। पुलिस घेराबंदी की संभावना के मद्देनजर आश्रम प्रबंधन ने 18 नवम्बर से पहले काफी राशन इकटठा कर लिया था।

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