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करार उल्लंघन की सीबीआई जांच शुरू

बाढ़ में एनटीपीसी के पावर प्लांट के निर्माण में रूसी कंपनी टेक्नो प्रोम्प एक्सपोर्ट द्वारा करार का उल्लंघन करने के मामले की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। इस कंपनी को 660-660 मेगावाट की तीन यूनिटों की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। उस पर आरोप है कि उसने करार के खिलाफ जाकर अपने एक भारतीय एजेंट की सेवा प्राप्त की है। केन्द्रीय वाणिज्य, उद्योग व ऊरा राज्य मंत्री डा. जयराम रमेश ने बताया कि रूसी कंपनी की समस्याओं के कारण इस प्लांट के निर्माण में दो वर्षो का विलम्ब हुआ है। सीबीआई इन सभी मामलों की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि करार के अनुसार रूसी कंपनी को 40 हाार टन सामग्री लानी थी लेकिन अब तक वह मात्र 12 हाार टन सामग्री ही ला सकी है। अब वह निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कह कर राशि बढ़ाने की मांग कर रही है। पहले चरण का निर्माण कार्य 200तक पूरा कर लेना था और इसपर 87 सौ करोड़ रुपये का व्यय होना था।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि रूसी कंपनी के कार्यो में सुस्ती को देखकर ऊरा मंत्रालय ने इस प्लांट के दूसर चरण का निर्माण कार्य भेल को सौंप दिया है। भेल को इसका निर्माण चार वर्षो में पूरा करने को कहा गया है। दूसर चरण के निर्माण पर 63 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। श्री रमेश ने पावर प्लांट का निरीक्षण करने के बाद कहा कि बाढ़ का पावर प्लांट हमार लिए काफी महत्वपूर्ण है और हम इसे जल्दी ट्रैक पर लाना चाहते हैं।ं

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