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झारखंड में नक्सलियों ने किया चार अफसरों को अगवा

झारखंड में नक्सलियों ने किया चार अफसरों को अगवा

नक्सलियों ने चाईबासा में खान सुरक्षा महानिदेशक (डीजीएमएस) के उपनिदेशक रैंक के दो अधिकारियों समेत चार लोगों का गुरुवार को अपहरण कर लिया। घटनास्थल चाईबासा मुख्यालय से 23 किलोमीटर दूर है। ये दोनों अधिकारी चाईबासा के रोरो गांव में एस्बेस्टस की बंद माईंस का निरीक्षण करने गए थे।

अपहृत लोगों के नाम बीबी सतियार, साकेत भारती, टोप्पो और शिव बताए गए हैं। पुलिस को देर शाम घटना की सूचना मिली। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी ने घटना की पुष्टि की है। सूचना के बाद से पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है। अपहरण की सूचना से चाईबासा से दिल्ली तक हड़कंप मच गया है।

रोरो की यह खदान 1991 से बंद है। इसमें कितनी खनिज संपदा है, इसकी जांच करने टीम वहां दिन में एक बजे गई थी। अधिकारी उस पूरे इलाके का सर्वे भी करने वाले थे। टीम मुफ्फस्सिल थाना क्षेत्र के रोरो गांव पहुंची कि हथियारबंद नक्सलियों का दस्ता वहां पहुंचा। दोपहर साढ़े तीन बजे नक्सलियों ने इनका अपहरण कर लिया। कब्जे में करने के बाद नक्सली इन सभी को सारंडा के जंगल में ले गए।

घटना की सूचना चाईबासा के एसपी नरेंद्र सिंह को दी गई। इसके साथ ही डीजीएमएस के अधिकारियों को भी सूचना दी गई। सारंडा का यह इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में है। लिहाजा रात में पुलिस की कार्रवाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है।

इधर राज्य के मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती का कहना है कि इस घटना में पीएलएफआई के नक्सलियों का हाथ हो सकता है। पुलिस को खनन विभाग के अधिकारियों के अपहरण की सूचना शाम में मिली। पुलिस नक्सलियों को घेरने के लिए छापामारी कर रही है।

डीजीपी राजीव कुमार के निर्देश पर उस पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और छापामारी की जा रही है। चाईबासा के एसपी बंधकों को रिहा कराने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। चाईबासा के पड़ोसी जिलों को भी सतर्क कर दिया गया है। खान सचिव अरुण का कहना है कि अपहृत अधिकारी और कर्मचारी डीजीएमएस के हैं। उन्होंने चाईबासा के डीसी और एसपी से बात की है। अपहृत लोगों की रिहाई के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहले भी हो चुकी है अपहरण की वारदात
13 फरवरी, 2010 को जमशेदपुर के धालभूमगढ़ ब्लॉक के बीडीओ प्रशांत कुमार लायक का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। उन्हें छह दिन बाद मुक्त किया गया था।
20 मार्च, 2010 को लातेहार जिले में अपर समाहर्ता श्रवण साई, कार्यपालक अभियंता एस भेंगरा, डेयरी विभाग के अधिकारी एके सिन्हा और एक सहायक अभियंता का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। उन्हें कई घंटे बाद मनिका के जंगल में मुक्त कर दिया गया था।
25 जनवरी, 2014 को नक्सलियों ने गिरिडीह जिले के पीरटांड़ ब्लॉक के नवकनिया गांव के स्कूल से चार सरकार कर्मियों का अपहरण कर लिया था। उन्हें पांच दिन बाद मुठभेड़ के बाद मुक्त कराया गया था। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था।

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