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कश्मीर में चुनाव जनमत संग्रह का विकल्प नहीं हो सकता

कश्मीर में चुनाव जनमत संग्रह का विकल्प नहीं हो सकता

प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने एक बार फिर भारत और अमेरिका के खिलाफ जहर उगला है। धार्मिक संगठन जमात उद दावा की आड़ में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे सईद ने कहा कि पाकिस्तान और कश्मीरियों के बीच खूनी रिश्ता है और उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। कश्मीर में चुनाव जनमत संग्रह का विकल्प नहीं हो सकता।
 
लाहौर के मीनार ए पाकिस्तान में गुरुवार को जमात के दो दिनी सम्मेलन के पहले दिन सईद ने कहा कि जिहाद पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने का प्रयास किया जा रहा है। हथियार बंद सुरक्षागार्डों से घिरे सईद ने कहा कि कुछ तत्व पाकिस्तान को अमेरिका,विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जमात उद दावा ऐसे इरादों को नाकाम कर देगा। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सईद एक बार फिर सम्मेलन को संबोधित करेगा।

तालिबान सरकार को मान्यता देना भारी भूल
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को मान्यता देना पाकिस्तान की भयंकर भूल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और पश्चिमी देशों ने अलकायदा को पैदा किया और अफगानिस्तान से सोवियत संघ के हटने के बाद पाकिस्तान को अकेला छोडम् दिया। यूथ पार्लियामेंट कनवेंशन में बोलते हुए मुशर्रफ ने कहा कि लोग कहते हैं कि तालिबान को पाकिस्तान ने पैदा किया लेकिन यह गलत है। मुशर्रफ ने कहा कि सेना को संविधान के तहत अहम भूमिका दी जानी चाहिए क्योंकि पाक के राजनीतिक दल व्यापक देश हित को देखते हुए बेहतर फैसले नहीं ले सकते।

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