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तलाशी में आधा दर्जन गिरफ्तार

वैशाली जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर पूरब और दक्षिण दिशा में समस्तीपुर जिले के सीमास्थल के निकट अवस्थित पातेपुर थाने के अमठामा गांव में शनिवार की शाम में माओवादियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के बूढ़े-बच्चे और महिलाएं दशहत में गांव छोड़कर कर दूसर इलाके में पलायन कर रहे हैं।ड्ढr ड्ढr इस बीच पुलिस अधीक्षक पारसनाथ के नेतृत्व में सोमवार को एसटीएफ, सैप के जवानों के अलावा जिला पुलिस के द्वारा सघन छापामारी अभियान के दौरान घटनास्थल से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित मौराबुजुर्ग गांव से तीन अवैध हथियारों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की गिरफ्त में आए लोगों में परमेश्वर सिंह, उसके पुत्र अशोक सिंह एवं मदन लाल सहनी बताए जाते हैं। इधर पुलिस ने अमठामा गांव से दुखहरण मंडल, जौहरी पासवान तथा दीपलाल मंडल को हिरासत में लिया है। पुलिस नक्सलियों के खोजबीन को लेकर अमठामा गांव के आसपास के दर्जनों गांवों में अभियान चला रही है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैला हुआ है। आसपास के गांवों में विरानी छायी हुई है। अमठामा गांव में दलित व पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं। यहां की 80 फीसदी आबादी निरक्षर है। गांव में लगभग एक सौ घर हैं जिनमें अधिकांश झुग्गी-झोपड़ियां हैं।ड्ढr ड्ढr इस गांव से 12 किलोमीटर दूर जंदाहा में 2006 में नक्सलियों ने बैंक व थाने पर हमला बोला था। यह गांव चारों ओर से चौर से घिरा हुआ है। जिला व थाना से गांव का सड़क संपर्क नहीं है। आवागमन का साधन नहीं है। पिछली बाढ़ में ध्वस्त सड़क के कारण संपर्क टूटा हुआ है। नक्सलियों के लिए पुलिस से छुपने का यह स्थान सुरक्षित है। इस गांव के 85 वर्षीय बुजुर्ग साधु ने हिन्दुस्तान को बताया कि शनिवार की गोलीबारी की घटना के बाद यहां के लोग प्रशासन और नक्सलियों के डर से भाग गए हैं।

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