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सफर और सुरक्षा

जब कोई ट्रेन किसी स्टेशन से चलती है या चलने को तैयार होती है,  तो रेलवे की तरफ से घोषणा की जाती है कि आपकी यात्रा शुभ हो। रेल के डिब्बों में लिखा होता है कि यात्री अपने सामान की रक्षा स्वयं करें। इसके बदले यह लिखा जाना चाहिए कि यात्रीगण अपने जान-माल की रक्षा स्वयं करें। अब तो ट्रेन से यात्रा करने में भी डर लगता है कि पता नहीं कब,  किसके साथ क्या हो जाए। बीते दिनों जम्मू-इंदौर मालवा एक्सप्रेस में एक लड़की के साथ भयंकर दुर्घटना घटी। बदमाशों ने पहले लड़की के साथ छेड़छाड़ की और फिर लूट-पाट। विरोध करने पर उसे बदमाशों ने चलती ट्रेन से फेंक दिया। डिब्बे में यात्रा करने वाले करीब पचास यात्रियों में दो-चार भी ऐसे नहीं निकले,  जो बदमाशों में डर पैदा कर सकें। बेशक,  कुछ यात्रियों ने रेलवे पुलिस तथा टीसी को इस घटना की जानकारी दी,  पर सबने अनसुनी कर दी। कहने को तो ट्रेन में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात होते हैं,  किंतु दुर्घटना के समय नदारद रहते हैं। नए रेल मंत्री से निवेदन है कि वह यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करें।
जसवंत सिंह, शांतिकुंज,  नई दिल्ली

आप की अग्निपरीक्षा

दिल्ली में फिर से होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता की परीक्षा होगी। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी बहुमत से कुछ दूर रह गई थी। इस बार देखना है कि केजरीवाल के नेतृत्व में यह पार्टी बहुमत का जादुई आंकड़ा छू पाती है या उसकी नैया डूबती है। हालांकि,  केजरीवाल दावा कर रहे हैं कि उन्हें 45 सीटें मिलने वाली हैं,  लेकिन हम बीजेपी की बात करें,  तो इस पार्टी का कहना है कि जो पार्टी दिल्ली की जनता को धोखा देकर भाग गई,  वह चुनाव क्या जीतेगी?  इस कांटे के मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार ‘नमो’ का जादू दिल्ली में चलेगा या फिर झाड़ बाजी मार ले जाएगी?
सिद्धार्थ,  नई दिल्ली-65

लाभ का दायरा

केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को स्वास्थ्य-सुरक्षा के रूप में सीजीएचएस की सुविधा देती है,  किंतु यह ज्ञात हुआ कि चिकित्सालयों को आदेश है कि मरीजों को जेनरिक दवाइयां ही दी जाएं,  भले ही डॉक्टर कोई दवा लिखें। इससे सीजीएचएस से लाभार्थियों का विश्वास कम होता जा रहा है और जहां विश्वास में कमी होती है,  स्वाभाविक है कि मरीजों को फायदा नहीं होता। लगता है कि सरकार अपने ही विशेषज्ञों की बात न मानकर जेनरिक कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। यह भी पता चला है कि आम तौर पर मिलने वाली दवाइयां भी लिस्ट से निकाल दी गई हैं। यहां तक कि जीवनरक्षक दवाइयां भी बंद कर दी गई हैं। अत: सीजीएचएस लाभार्थियों के हित में स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रार्थना है कि दवाइयां विशेषज्ञों की सिफारिशों के अनुकूल मिलें तथा अन्य दवाइयां भी यथावत रूप से मिलती रहें।
महाराजा सिंह, गौरव अपार्टमेंट,  दिल्ली-92

छिपा बैठा है दाऊद

आज भारत ही नहीं,  कई सारे देश मान रहे हैं कि आतंकी दाऊद इब्राहीम पाकिस्तान में छिपा बैठा है। हां,  उसके ठिकाने बदलते रहते हैं। कभी वह भारत की सीमा की तरफ होता है,  तो कभी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा की ओर। यह वही दाऊद इब्राहीम है,  जिसने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके कराए थे। मगर पाकिस्तान इस बात को हमेशा नकार देता है कि उसके यहां दाऊद इब्राहीम मौजूद है। अमेरिका ने कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में जाकर मारा,  उससे पहले पाकिस्तान यही कहता था कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में नहीं है। सवाल उठता है कि इस झूठ पर पाकिस्तान का किसी ने भी क्या बिगाड़ लिया?  मेरी समझ से कुछ सख्त कार्रवाई आतंकी को पनाह देने वाले देशों के खिलाफ भी हो,  तभी जाकर आतंकी घटनाएं थमेंगी।
गुप्ता दाड़ी वाला, सदर बाजार,  दिल्ली-6

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