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नरेंद्र मोदी बोले, साध्वी को माफ करे संसद

नरेंद्र मोदी बोले, साध्वी को माफ करे संसद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद विपक्ष केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। मोदी ने विपक्ष से कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और पार्टी के सभी नेताओं से कहा कि वह इस तरह के बयानों से बचें। उन्होंने कहा कि साध्वी निरंजन ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली है, इसलिए देश हित में सदन को चलने दिया जाए।

राज्यसभा में गुरुवार को प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप को भी विपक्ष ने खारिज कर दिया। इस मुद्दे पर पिछले तीन दिनों से एकजुट विपक्ष अपनी मांग पर कायम है। विपक्ष ने कहा कि जब तक साध्वी को बर्खास्त नहीं किया जाता। सदन नहीं चलने दिया जाएगा। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही करीब छह बार स्थगित की गई और सातवीं बार दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। पिछले तीन दिन से सदन में कोई कार्य नहीं हो रहा है। गुरुवार को भी महज इतना काम हुआ कि पीएम बयान दे पाए और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पीएम के विदेश दौरों पर हंगामे के बीच सदन में अपना बयान रखा।

प्रधानमंत्री राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान पहुंचे। दरअसल, विपक्ष प्रधानमंत्री से भी इस मुद्दे पर सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहा था। पीएम ने जब इस मुद्दे पर बयान दिया तो सत्ता पक्ष को उम्मीद थी कि शायद अब विवाद खत्म हो जाए लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं है। जाहिर है कि राज्यसभा में हंगामे का यह दौर थमता नहीं दिख रहा है।

पीएम ने अपने बयान में कहा कि जब इस बयान के विषय में मुझे जानकारी मिली, उसी दिन सुबह मेरी पार्टी के संसद सदस्यों की बैठक थी। उसमें मैंने बहुत कठोरता से इस प्रकार की भाषा को नामंजूर किया और मैंने यह भी कहा कि हम सबको इन चीजों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं सदन से आग्रह करूंगा कि हम देश हित में अपने कार्य को और आगे बढ़ायें।’
प्रधानमंत्री के बाद संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू और सदन के नेता एवं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी विपक्ष से संसद का कामकाज सामान्य ढंग से चलने देने का अनुरोध किया। लेकिन कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग दोहराई। करीब-करीब सभी विपक्षी दलों ने भी इसका समर्थन किया।

उधर लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने साध्वी निरंजन ज्योति की विवादास्पद टिप्पणी पर प्रधानमंत्री द्वारा सदन में बयान देने की मांग करते हुए शून्यकाल में कहा कि उन्हें दुख इस बात का है कि एक घंटे से विपक्ष अपनी बात रखना चाह रहा है लेकिन उसे अनुमति नहीं मिल रही। लोकतंत्र में ऐसा कैसे चलेगा। 

लोकसभा में कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष साध्वी मामले में प्रधानमंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहा था। तृणमूल कांग्रेस, सपा, राजद और वामदलों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सदन से आकआउट किया।

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