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स्मार्ट फोन से होगी बिजली मीटरों की रीडिंग

बिजली बिल की महज 70 फीसदी वसूली को देखते हुए राज्य सरकार मीटर रीडिंग की नई तकनीक अपनाएगी। राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि अब स्मार्ट फोन से बिजली मीटरों की रीडिंग की जाएगी। स्मार्ट फोन के इस उपयोग की योजना को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 9000 वैसे गांव जहां बिजली नहीं है, मार्च तक बिजली पहुंचा दी जाएगी।

सिंह ने कहा कि बिजली बिल वसूलने का जिम्मा संभाल रहे फ्रेंचाइजी के नौजवान स्मार्ट फोन लेकर लोगों के घर-घर जाएंगे। मीटर की रीडिंग स्मार्ट फोन से लेकर उसे एमएम करेंगे। उस एसएमएस के आधार पर ही बिजली बिल जेनरेट हो जाएगा और वसूली की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। अभी राज्य के ग्रामीण इलाकों में शत प्रतिशत मीटर रीडिंग नहीं हो पाती है।

मैनपावर की कमी से हो रही इस परेशानी की दिशा में स्मार्ट फोन कारगर उपाय साबित होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि बिजली कंपनी को मार्च तक हर हाल में 9000 गांवों में बिजली पहुंचाने का आदेश दिया गया है। कम से कम पोल-खंभे और ट्रांसफार्मर तो इन गांवों में मार्च तक लग ही जाएंगे।

बिजली की राह में सरकार के सामने सबसे बड़ी समस्या है खपत हुई बिजली की वसूली। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार बिजली खरीद कर उसकी आपूर्ति करती है। लोगों से हम अपील करेंगे कि वे इसे समझे कि बिजली फ्री नहीं आती। इसलिए उपभोग करने के बाद बिजली बिल चुकता करने की आदत डालें। लोगों को इस कार्य में सहभागिता निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि अभी राज्य में बड़े पैमाने पर पोल-खंभे, जर्जर तार तथा ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। हमने बिजली कंपनी को सख्त हिदायद दी है कि गुणवत्ता का हर हाल में ख्याल रखा जाए। यह नहीं कि नया पोल गाड़े जाने के कुछ दिनों बाद ही टेढ़ा हो जाए। इसलिए बिजली के क्षेत्र में हो रहे हर कार्य को जांचा जाएगा। ठेकेदार ने कहा कर दिए हैं तो नहीं मानेंगे, क्वालिटी चेक करेंगे। गुणवत्ता मेंटेन नहीं रखने वाले ठेकेदारों के पैसे काटे जाएंगे, उनसे काम छीने जाएंगे और कार्रवाई भी होगी। 

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