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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कृष्ण अय्यर का निधन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश कृष्ण अय्यर का निधन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वी आर कृष्ण अय्यर का गुरुवार की दोपहर को निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वे गुर्दे और दिल की बीमारी के साथ ही न्यूमोनिया से भी पीड़ित थे।

अय्यर ईएमएस नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली केरल की पहली कम्युनिस्ट सरकार में मंत्री भी रहे थे। उन्हें पहले हाई कोर्ट का न्यायाधीश और बाद में सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इतिहास के सबसे ऐतिहासिक निर्णयों में कुछ दिए थे।

इंदिरा गांधी की अपील ठुकरा दी थे अय्यर ने
कृष्ण अय्यर ने सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अपील ठुकरा दी थी, जो उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई थी। गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने उनके चुनाव को खारिज कर दिया था और अपील स्वीकार न होने से उनकी संसद की सदस्यता चली गई थी। जस्टिस अय्यर ने ही जस्टिस पीएन भगवती के साथ मिलकर जनहित याचिकाओं का आरंभ किया था।

हाल ही में न्यायाधीश अय्यर ने अपना 100वां जन्म दिन मनाया था। अब तक 105 किताबें लिखने वाले अय्यर ने अपनी वकालत 1937 में पिता के साथ शुरू की थी।

केरल में 1948 में कम्युनिस्टों  को छिपाने के आरोप में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। वामपंथियों के आदर के पात्र रहे अय्यर 1952 में मद्रास विधानसभा का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े और विधायक चुन लिए गए। 1957 में वे फिर केरल विधानसभा के लिए चुने गए और वामपंथी सरकार में मंत्री बन गए।

गौरतलब है कि उनको सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने का सोली सोराबजी ने उनके वामपंथी रुझान के कारण विरोध किया था। वे सुप्रीम कोर्ट के आखिरी ऐसे जज रहे जो कभी राजनेता हुआ करते थे।

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