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साध्वी विवाद पर बोले मोदी, माफी के बाद चलने दें कामकाज

साध्वी विवाद पर बोले मोदी, माफी के बाद चलने दें कामकाज

केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान को लेकर पिछले तीन दिनों से संसद में चल रहे विपक्ष के भारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि हमें इस तरह के बयान एवं कठोर भाषा से बचना चाहिए।
 
उन्होंने इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वह सदन के कामकाज को चलने दें, क्योंकि मंत्री पहले ही माफी मांग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस मामले यह संदेश मिलता है कि हमें मर्यादा को नहीं तोड़ना चाहिए और देश हित को आगे बढ़ाना चाहिए।
 
मोदी ने आज उच्च सदन में कहा कि मुझे इस बात की जानकारी मिली कि एक केन्द्रीय मंत्री के बयान को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। मैंने भाजपा संसदीय दल की बैठक में इस बयान को कठोरता से नामंजूर किया था।

उन्होंने कहा कि हम सभी को इस तरह के बयानों एवं कठोर भाषा से बचना चाहिए। मैंने चुनाव की गर्मागर्मी के बीच इस बात का प्रयास किया कि मर्यादा को नहीं लांघा जाये। प्रधानमंत्री ने साध्वी निरंजन ज्योति का उल्लेख करते हुए कि वह एक नयी मंत्री हैं और हम उनकी पृष्ठभूमि भी जानते हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में क्षमा मांग ली है। आप (विपक्ष के नेता) इतने वरिष्ठ हैं, आप को क्षमा का भाव रखना चाहिए।

मोदी ने राज्यसभा को अनुभवी लोगों का सदन बताते हुए कहा कि आप सभी क्षमा भाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी कोई मर्यादा को ना तोड़े यह संदेश इस सदन से जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रहित में सदन के कामकाज को आगे बढ़ाने की भी अपील की।
 
उधर इस मुद्दे पर कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि विपक्ष का किसी मंत्री से दुर्भाव नहीं है। लेकिन संविधान का सम्मान करने के लिए वह मंत्री को हटाये। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का अनुभव व्यक्तिगत मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, मंत्री और सांसद संविधान की शपथ लेते हैं। ऐसे में वे इसके विरुद्ध बयान दें तो उसे विपक्ष स्वीकार नहीं करता है।

माकर्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि संविधान का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति मंत्री कैसे रह सकता है। उन्होंने राज्यमंत्री को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्री का माफी मांगना गुनाह स्वीकार करने जैसा है।
 
जनता दल यू के शरद यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं।  लेकिन समाज में तनाव और विग्रह पैदा करने वाले बयान रोज दिए जाते हैं। उन्होंने भी मंत्री को हटाने की मांग की।
 
यादव जब बोलने के लिए खड़े हुए तो भारतीय जनता पार्टी के विजय गोयल उत्तेजित होकर जोर-जोर से बोलने लगे। जिसके कारण यादव कुछ देर तक कुछ बोल नहीं सके। इसका विपक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति तूतू-मैंमैं तक हो गई।
 
यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को शांति से सुना। लेकिन जब वह अपनी बात रख रहे हैं तो व्यवधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो कोई बोल नहीं पायेगा।

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