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पीएमसीएच बनेगा सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना(पीएमएसएसवाई) के तहत पीएमसीएच को सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में आम लोगों को बेहतर चिकित्सा देने के लिए 150 करोड़ रुपए का आवंटन हुआ है। इसमें 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी और बाकी 20 प्रतिशत राज्य सरकार दे रही है। पूरी योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग का जिम्मा एम्स पटना को दिया गया है। छह दिसंबर को एम्स पटना के निदेशक की अध्यक्षता में इसके लिए बैठक होगी। इसमें सात राज्यों के 14 मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य उपस्थित रहेंगे। अक्टूबर 2015 तक पूरी योजना को धरातल पर उतार देने का निर्देश सरकार की ओर से दिया गया है।

गैप एनालिसिस पर होगा फैसला
पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ पीके सेंगर और योजना के को-ऑर्डिनेटर डॉ सुनील ने बताया कि छह दिसंबर को सभी 14 मेडिकल कालेजों के प्राचार्यो को एम्स पटना के निदेशक के सामने अपने-अपने विभागों की वर्तमान स्थिति और सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल के लिए उपकरणों समेत अन्य आधारभूत संरचना की जरूरतों की लिस्टिंग करानी है। टेली मेडिसिन पर भी विशेष चर्चा होगी। बैठक में सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

अपग्रेड किए जाएंगे सारे विभाग
पीएमसीएच में सभी विभागों का अपग्रेडेशन किया जाएगा। मेट्रो शहरों के बड़े अस्पतालों की तरह सभी तरह की बीमारियों के सही इलाज की पूरी व्यवस्था रहेगी। कार्डिएक, सर्जरी, ऑर्थो, पेडियाट्रिक, गायनोकालोजी, मेडिसिन सहित सारे विभागों में आधुनिकतम मशीनें लगेंगी। पीएमसीएच परिसर के भवन अपग्रेड होंगे और सरायढेला स्थित मेडिकल कालेज के 24 एकड़ खाली जमीन में नए भवन भी बनेंगे। वहीं पर धनबाद की बहुप्रतिक्षित ट्रामा सेंटर का निर्माण भी होगा।

आम लोगों को यह होगा फायदा
- कम खर्च में अपने ही शहर में लोगों को बेहतर इलाज की मिलेगी सुविधा
- आस-पास के कई जिलों के लाखों लोगों होंगे लाभान्वित
- छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी रिम्स, बीजीएच, दुर्गापुर या अन्य स्थानों पर जाने से बचेंगे लोग
- टेली मेडिसिन सेंटर से जरूरत पड़ने पर बाहर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय का मिलेगा फायदा
- शहर में सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल के बनने से स्वास्थ्य के क्षेत्र में होगा और ज्यादा निवेश
- मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी खुलेंगे नए आयाम
- बहुप्रतिक्षित ट्रामा सेंटर के बनने से बचाई जा सकेंगी कई जानें

छह दिसंबर को एम्स पटना में दोपहर के 2.30 बजे गैप एनालिसिस पर बैठक कर योजना के क्रियान्वयन पर अंतिम मुहर लगेगी। अगले साल तक सारा काम खत्म करके लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रारंभ कर देना है। हम सभी लोग इसके लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
- डॉ पीके सेंगर, प्राचार्य, पीएमसीएच धनबाद

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