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नम आंखो से बोकारोवासियों ने दी शहीद गौरीशंकर को विदाई

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद बोकारो के लाल गौरीशंकर सिंह को बोकारोवासियों ने बुधवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद सीआरपीएफ जवान के पार्थिव शरीर को कंधा देने के लिए सुबह से ही बोकारो एयर स्टीप पर सीआरपीएफ, जिला पुलिस और जिला प्रशासन के साथ-साथ बोकारो के लोग जुटे थे। 11:30 बजे एयर फोर्स का हेलीकॉप्टर पार्थिव शरीर को लेकर एयर स्टीप पर पहुंचा। वहां मौजूद अधिकारियों और जवानों ने शहीद को सलामी दी।

गांव को निकला शहीद का कारवां
सीआरपीएफ जवान गाड़ी में अपने साथी शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर गांव की ओर चल पड़े। उसके पीछे पूरा पुलिस महकमा और लोगों का हूजूम चल पड़ा। चास, आइटीआई, कर्रा, संथालडीह होते हुए शहीद का कारवां तुरीडीह महुदा गांव पहुंचा। सड़कों की दोनों ओर खड़े लोगों ने पूरे रास्ते में शहीद अमर रहे के नारे लगाए।

आंखों में कट गई पूरी रात
महुदा गांव के दुलारे गौरीशंकर के शहीद होने की खबर आग की तरह पूरे बोकारो में फैल गई। गांव के लोगों की पूरी रात आंखों में कटी। मां बार-बार बेहाशी हो रही थी। पत्नी बेसुध थी और भाई घर वालों को संभाते-संभालते फफक पड़ता था।

अपने को नहीं रोक पाए डीजीपी
डीजीपी राजीव कुमार अपने को नहीं रोक पाए। शहीद के काफीले के तुरंत बाद वे सड़क मार्ग से पूरे पुलिस महकमा के साथ शहीद के गांव पहुंचे और सलामी देने के बाद श्रद्धासुमन अर्पित की। जोनल आईजी तदाशा मिश्रा, डीआइजी देव विहारी शर्मा, सीआरपीएफ डीआइजी बी टोप्पो, एसपी जितेन्द्र सिंह, कमांडेंट सीआरपीएफ डॉ. संजय कुमार, सदन कुमार, विकास पांडे, डीएसपी सहदेव साव, आरके सिंह, मनीष टोप्पो, सार्जेट मेजर बबन सिंह समेत जिले के तमाम थानेदार और पुलिस कर्मी थे।

सीआरपीएफ कमांडेंट की आंखें हुई नम
सीआरपीएफ के शहीद साथी को कंधा देने के बाद जब सीआरपीएफ डीआइजी और कमांडेंट संजय कुमार परिजनों से मिलने घर के अंदर घुसे तो मां, पत्नी और भाई की चीख सुनकर उनकी आंखें भी नम हो गई। किसी प्रकार पूरे परिवार को दिलासा दिलाया।

जाया नहीं जाएगी कुर्बानी
डीजीपी ने कहा कि शहीद जवानों की कुर्बानी कभी जाया नहीं जाती है। कुर्बानी रंग लाएगी और नक्सलवाद जैसा कोढ़ समाप्त होगा। नक्सलियों के कायराना हरक्कत का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। शहीद गौरीशंकर के परिजनों को प्रावधानों के तहत तमाम सुविधा मुहैया कराई जाएगी। वहीं, सीआरपीएफ डीआईजी ने कहा कि सीआरपीएफ हर कदम पर शहीद गौरी शंकर के परिजनों के साथ रहेगी।

सुकमा की भौगोलिक दशा नक्सलियों को मददगार
सुकमा में लगातार नक्सली हमले पर टिप्पणी करते हुए सीआरपीएफ डीआइजी बी. टोप्पो ने कहा कि सुकमा की भौगोलिक स्थिति नक्सलियों को मदद पहुंचाती है। घनघोर जंगल में जवानों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान जाना और ऑपरेशन बड़ी चुनौती है। जिसका सीआरपीएफ जवान अपने प्राणों की आहूती देकर मुकाबला करने में लगे हुए हैं।

घटनाक्रम
बोकारो के पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र के तूरीडीह महुदा गांव का रहने वाला शहीद गौरीशंकर सीआरपीएफ जवान था और छत्तीसगढ़ के सुकमा में पदस्थापित थे। सोमवार को नक्सली हमले में शहीद हो गए। बडम भाई राजेश बीएसएफ का जवान है। पिता की मौत के बाद दोनों भाईयों ने मिलकर घर के साथ-साथ देश के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा ली।

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