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एकांत और लोकेश ने मौत से किया मुकाबला

लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के पिल्लोखड़ी रोड पर समर गार्डन इलाके में सोमवार देर रात गश्त कर रहे फैंटम पुलिसकर्मी एकांत यादव और लोकेश भाटी ने बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ करने की कोशिश की तो बदमाश ने दोनों पर गोली दाग दी। इसके बाद गली में बदमाश और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई। आखिरकार साहसी पुलिसकर्मियों ने बदमाश को ढेर कर ही दिया। हालांकि, सिपाही एकांत यादव भी इस मुठभेड़ में शहीद हो गया

बाइक छोड़कर भागते बदमाश को सिपाही एकांत यादव और लोकेश भाटी ने पकड़ने की कोशिश की। समर गार्डन कॉलोनी में मोहम्मद जकरिया के मकान के सामने करीब दो बजे रात दोनों सिपाहियों ने बहादुरी का परिचय देते हुए बदमाश को दबोच लिया, लेकिन इस दौरान बदमाश ने असलहा निकाला और एकांत यादव को गोली मार दी। गोली लगने के बावजूद एकांत ने हिम्मत नहीं हारी और साथी लोकेश के साथ मिलकर बदमाश से मुकाबला करता रहा। लोकेश भी साथी एकांत के गोली लगने के बावजूद सहमा नहीं और बदमाश से लोहा लेता रहा। आखिरकार दोनों ने बदमाश को ढेर कर दिया, लेकिन इस मुठभेड़ में सिपाही एकांत शहीद हो गया, जबकि लोकेश को भी गंभीर चोटे आईं।

साथियों में रहते थे बहादुरी के चर्चे
अपने मधुर व्यवहार और बहादुरी के लिए एकांत यादव साथियों में चर्चित था। साथियों के अनुसार इलाके में गश्त पर निकलता था तो हर किसी छोटे-बड़े के साथ सहजता के साथ पेश आता था।


बदमाश की बहन बोली- खुद घर से निकला था, बाद में कहा- पुलिस ले गई थी

मंगलवार दोपहर मेडिकल कालेज की मोर्चरी पहुंचकर बदमाश के शव की शिनाख्त भाई नूरा उर्फ नूर अली के रूप में करने वाली नूरजहां ने पुलिस पर आरोप लगाकर पूरी घटना को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। मेडिकल कॉलेज आते ही पहले तो उसने कहा कि सोमवार रात 11:30 बजे उसका भाई घर से कुछ काम के लिए चौराहे तक बाइक लेकर गया था, लेकिन कुछ ही सेकेंडों में बयान से पलटी और यह कहकर वहां सनसनी मचा दी कि उसके भाई को बाइक और कार सवार पुलिसवाले पूछताछ के नाम पर रात 11:45 बजे घर से उठाकर ले गए थे।

लोगों को लेकर मेडिकल आ जाओ
शव की शिनाख्त करने के बाद नूरजहां ने मोबाइल से कॉल करके परिजनों से कहा कि पुलिस ने भाई को मार दिया है। भीड़ लेकर मेडिकल आ जाओ। इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने तुरंत इस बात की जानकारी सीओ कोतवाली, इंस्पेक्टर कोतवाली और थाना प्रभारी लिसाड़ी गेट को दी। उन्होंने पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए।
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दहाड़ मारकर रोने लगे परिजन

मेडिकल कालेज की मोचरी में रखे शव की शिनाख्त करते हुए बदमाश के परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस पर वहां अफरा-तफरी मच गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बदमाश का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया।  

बदमाश से मुठभेड़ में बुझ गया इकतौला चिराग

लिसाड़ी गेट थाने में तैनात सिपाही एकांत यादव बुलंदशहर के सिकंदराबाद नंगला काला गांव निवासी तथा बीएसएफ में सूबेदार सतपाल सिंह का इकतौला बेटा था। एकांत की एक बड़ी बहन एकता है, जो शादीशुदा है। करीब पांच माह पहले ही एकांत यादव की शादी कैथाला निवासी अंशू के साथ हुई थी।
परिजनों को रात में एकांत यादव की हालत गंभीर होने की सूचना मिली तो उनके पिता सतपाल सिंह, मां और अन्य परिजन आनंद अस्पताल पहुंच गए थे। अन्य सभी को तो पुलिसकर्मियों ने जानकारी दे दी थी, लेकिन मां से बेटे की मौत की दुखद खबर को छिपा लिया गया था।
सीओ कोतवाली रूपेश कुमार सिंह और थाना प्रभारी मेडिकल उमेश चंद पचौरी ने मां को ढांढस बंधाया और कहा कि अभी एकांत का उपचार चल रहा है। हालांकि, एकांत की हालत गंभीर होने की खबर पर ही मां चीखने-चिल्लाने लगी।
गांव से मेरठ आए लोगों ने बताया कि एकांत परिवार में इकलौता था। दूसरी ओर, इस घटना को लेकर पूरे पुलिस महकमे में शोक छा गया था। एकांत के साथ नौकरी करने वाले उसके साथी भी गमजदा थे।

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