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जोनल आईजी ने दस पुलिस अफसरों से की पूछताछ

पुलिस हिरासत में छात्र समागम के नेताओं के साथ बर्बरता पूर्ण पिटाई के मामले में जोनल आईजी ए. के. अम्बेदकर ने सोमवार की देर रात तक आरा में जांच की। इसके अलावा मंगलवार को चार थानेदार समेत दस पुलिस अफसरों व एएसपी के बॉडीगार्ड को पटना तलब कर पूछताछ की। उन्होंने इन अफसरों से कई बिन्दुओं पर जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। मंगलवार को देर शाम तक पुलिस मुख्यालय को उन्होंने रिपोर्ट भी सौंप दी। इधर, एडीजी मुख्यालय गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि जांच पूरी कर ली गई है। दोषी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जोनल आईजी की रिपोर्ट भी मिल चुकी है। वहीं दोषी पुलिस अफसरों के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

घटना के तीसरे दिन मंगलवार को भी छात्र संगठन ने विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने एएसपी दीपक रंजन व एसडीओ अनिल कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विरोध जुलूस निकाला और दोनों अफसरों का पुतला फूंका। जेडीयू के कई कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे का एलान भी किया है।

बता दें कि एडीजी मुख्यालय गुप्तेश्वर पाण्डेय ने घटना को काफी गंभीरता से लिया है। इसके लिए उन्होंने जोनल आईजी को पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिया है। इस सिलसिले में आईजी ने सोमवार की देर रात आरा पहुंचकर मामले की छानबीन की थी।

एएसपी व सभी आरोपित पुलिस अफसरों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली थी, साथ ही छात्रों के परिजनों से से भी पूछताछ  की थी। इससे पहले आईजी ने बडम्हरा थाना जाकर भी तफ्तीश की थी। मंगलवार को उन्होंने मुफस्सिल इंस्पेक्टर एम के सिन्हा, नवादा इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार, गडम्हनी के थानेदार कुंवर गुप्ता, कोईलवर थानाध्यक्ष संजय शंकर , क्राइम कंट्रोल इंचार्ज मिथिलेश कुमार सहित बाडीगार्ड व अन्य अफसरों को पटना तलब किया था।

एसपी राजेश कुमार ने बताया कि छात्रों का फर्दबयान पटना से आ गया है और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोषी थानेदारों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। 

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