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छत्तीसगढ़ के चिंतागुफा में शहीद हुआ भोजपुर का लाल राधेश्याम

छत्तीसगढ़ के चिंतागुफा में सोमवार की दोपहर नक्सली हमले में भोजपुर के उदवंतनगर प्रखण्ड के तिरोजपुर गांव का बेटा राधेश्याम राम शहीद हो गया। मंगलवार की सुबह उसकी शहादत की खबर छोटे भाई को मिलते ही चीख-चीत्कार से पूरा घर गूंज उठा। तिरोजपुर गांव की गलियां वीरान हो गयी। कई घरों के चूल्हे बुझ गये और राधेश्याम की शहादत को सलाम करने के लिए उनके पैतृक घर पर लोगों का जमघट लग गया।

पति के मरने की सूचना मिलने के बाद से ही पत्नी मीना बेसुध पड़ गयी। उसे जब भी होश आ रहा था, तो दहाड़ मार कर रोने लगती थी। बूढ़ी मां सुमित्रा देवी व चार बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। छोटा भाई इंद्रजीत पासवान भी बिलख रहा था। तीन पुत्रों व एक पुत्री भी अपने पापा की मौत पर फूट-फूटकर रो रहे थे।

वहीं वृद्ध पिता व रिटायर्ड फौजी रामेश्वर राम रोते हुए बार-बार यही कह रहे थे, कि ‘बूढ़े बाप के कंधे पर बेटे का पार्थिव शरीर रखने के लिए जिंदा क्यों छोड़ा भगवान’। सीमा पर लड़ने वाले रामेश्वर अपनी पूरी नौकरी में कभी नहीं टूटे पर बेटे की मौत से बिल्कुल टूट गये हैं। हालांकि एक तरफ उनके अंदर बेटे को खोने का दर्द था तो दूसरी ओर शहादत देने पर गर्व भी हो रहा था।

कांपते होठों से वे कह रहे थे कि भले ही मेरा बेटा नहीं रहा, पर उसकी शहादत ने सिर ऊंचा कर दिया है। देश के लिए मरना किसी-किसी को ही नसीब होता है। यह कहते-कहते वे फफक पड़ते थे। उनकी स्थिति देख ढांढ़स बंधाने पहुंचे लोग भी अपनी आंसू नहीं रोक पा रहे थे। बता दें कि सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला अंतर्गत चिंतागुफा के समीप नक्सली हमले में 206 सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के 14 जवान शहीद हो गए थे, इसमें भोजपुर का लाल राधेश्याम भी शामिल हैं।

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  • Web Title:छत्तीसगढ़ के चिंतागुफा में शहीद हुआ भोजपुर का लाल राधेश्याम