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जम्मू-कश्मीर: ठंड व आतंक के बावजूद बंपर वोट की चोट

जम्मू-कश्मीर: ठंड व आतंक के बावजूद बंपर वोट की चोट

जम्मू कश्मीर में प्रथम चरण के चुनाव में हुए रिकार्ड मतदान को दोहराते हुए दूसरे चरण में भी 71 फीसदी मतदान हुआ है। वहीं, अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के आह्वान को 18 सीटों पर मतदाताओं ने फिर से नजरअंदाज कर दिया।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि आखिरी आंकड़ा उपलब्ध होने पर मत प्रतिशत एक से दो फीसदी तक बढ़ सकता है। अलगाववादी नेताओं को जोरदार झटका देते हुए उत्साही मतदाता कई मतदान केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार करते हुए लंबी-लंबी कतारों में नजर आएं।

गौरतलब है कि प्रथम चरण के तहत 15 सीटों पर मतदान 25 नवंबर को हुआ था जिसमें रिकार्ड 71.28 फीसदी वोट पड़े थे। उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी ने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया, जम्मू कश्मीर में दूसरे चरण के चुनाव का जो ताजा आंकड़ा हमारे पास है उसके मुताबिक 71 फीसदी मतदान हुआ है।

जुत्शी ने कहा कि आज के चुनाव के तहत पांच जिलों में 18 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और समूची प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। पांच जिलों में से दो घाटी में हैं जबकि तीन जम्मू में हैं। उन्होंने बताया, इस चरण के तहत चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने की कोई घटना नहीं हुई। रियासी और उधमपुर जिलों में भारी मतदान हुआ।

उप चुनाव आयुक्त ने बताया कि आज का मतदान प्रतिशत 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पड़े 61.04 फीसदी वोट और 2008 के विधानसभा चुनाव के तहत दर्ज किए गए 68.79 फीसदी मतदान से अधिक है। पांच जिलों में हुए मतदान के तहत रियासी में 80 फीसदी, उधमपुर (76), पुंछ (75), कुपवाड़ा (68) और कुलगाम में 60 फीसदी से अधिक वोट डाले गए। जुत्शी ने कहा कि आज के मतदान के दौरान मौसम मददगार रहा और कोई बर्फबारी नहीं हुई।

आज के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की संख्या 15.35 लाख थी। चार मौजूदा विधायक सहित चुनाव मैदान में कुल 175 उम्मीदवार हैं। पिछले दो दिन आतंकवादियों द्वारा दो सरपंचों पर किए गए हमलों के बाद कुलगाम एवं कुपवाड़ा जिलों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इन हमलों एक की मौत हो गई थी।

18 विधानसभा सीटों में उत्तर कश्मीर का कुपवाड़ा जिला सुर्खियों में था क्योंकि अलगाववाद से मुख्यधारा की राजनीति में आए सज्जाद गनी लोन 2009 के लोकसभा चुनाव में असफल रहने के बाद विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
सर्द मौसम और घने कोहरे ने सुबह के समय कुछ इलाकों में व्यवधान डाला लेकिन दिन चढ़ने के साथ साथ मतदाता वोट डालने के लिए उमड़ने लगे।

कई वृद्ध लोगों ने भी मतदान किया। 120 साल के बताए जा रहे आलम दीन नाम के एक व्यक्ति ने अपने इलाके के विकास के लिए पुंछ जिले के सलतोरी में मतदान किया। उन्हें उनके परिवार के सदस्य दो किलोमीटर पैदल चलकर मतदान कराने लाए थे।

मोहम्मद राशिद तीन अन्य लोगों के साथ नियंत्रण रेखा के पास से अपने नाना मोहम्मद हुसैन को करमारा मतदान केंद्र पर लेकर आए। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा सीमा पार से गोलीबारी के खतरों की परवाह नहीं करते हुए सरपंच मोहम्मद आजम 310 अन्य लोगों के साथ नियंत्रण रेखा पर स्थित पुंछ जिले के अति संवेदनशील मतदान केंद्र पर पहुंचे। सलतोरी मतदान केंद्र पर सुबह करीब आठ बजे ईवीएम का बटन दबाने वाले कुछ मतदाताओं में आजम भी शामिल हैं।

आजम ने बताया कि मेरी सुरक्षा और विकास मेरे लिए तथा पुंछ में नियंत्रण रेखा पर रहे लोगों के लिए बहुत अहम है। मेरा वोट संघर्ष विराम कायम रहने और विकास के लिए है। जम्मू क्षेत्र में एवं खासतौर पर पुंछ, जम्मू तथा सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में पाकिस्तानी सैनिकों ने एक अक्तूबर से भारी गोलीबारी की है गोले दागे हैं जिसमें 11 लोग मारे गए हैं। 18 सुरक्षाकर्मी सहित करीब 100 लोग घायल हुए हैं। जुत्शी ने बताया कि राज्य में अब कुल 67.03 लाख रुपया नकद जब्त किया गया है जबकि 254 लीटर शराब और 700 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में पेड न्यूज के भी पांच मामले दर्ज किए गए हैं।

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