DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड-कश्मीर में लोगों ने जमकर मारी वोट की चोट

झारखंड-कश्मीर में लोगों ने जमकर मारी वोट की चोट

छत्तीसगढ़ में महज 24 घंटे पहले हुए बड़े नक्सली हमले के बावजूद झारखंड की 20 सीटों पर मंगलवार को दूसरे चरण के मतदान में 66 फीसदी मतदाताओं ने वोट डालकर करारा जवाब दिया। वहीं जम्मू-कश्मीर की 18 सीटों पर हुए दूसरे चरण में मतदान में आतंकवाद व कड़ाके की ठंड को धता बताते हुए 71 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव आयोग के मुताबिक आंकड़े अंतिम नहीं हैं, इनमें वृद्धि हो सकती है।

झारखंड विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण मंगलवार को 20 सीटों पर मतदान के साथ संपन्न हो गया। इसमें 66 फीसदी के आसपास वोट पड़े। पहले चरण में 63 प्रतिशत के करीब वोट डाले गए थे। मतदान के भी रिकॉर्ड टूट गए। पिछले विधानसभा चुनाव से यह लगभग तीन प्रतिशत अधिक है। मतदान के दौरान कहीं से किसी अप्रिय वारदात की सूचना नहीं मिली। इस दौरान "हिन्दुस्तान" के रिपोर्टर इन इलाकों की हर खबर पर अपनी नजर बनाकर रखी।

सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं। कई जगह तीन बजे की समय-सीमा खत्म हो जाने के बाद भी मतदाता कतारों में जमे रहे। जमशेदपुर पूर्व और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में वीवीपैट सिस्टम को मतदान प्रक्रिया से जोड़े जाने के कारण मतदान की समय-सीमा पांच बजे शाम तक थी। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम का बटन दबाने के बाद मतदाताओं को वोट पाने वाले उम्मीदवार का चुनाव चिह्न भी स्क्रीन पर दिखाया गया।

कई सियासी दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद
कोल्हान इलाके की 13 और दक्षिणी छोटानागपुर की सात विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद प्रदेश के कई राजनीतिक दिग्गजों का फैसला वोटरों ने कर दिया है। 23 दिसंबर को मतगणना के बाद ही इसका खुलासा होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा, मंत्री चंपाई चंपई सोरेन, गीताश्री उरांव, बन्ना गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास और वरिष्ठ नेता सरयू राय इसी चरण में भाग्य आजमा रहे थे। वरिष्ठ नौकरशाह रहे जेबी तुबिद भी पावर की नई पारी के लिए चाईबासा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।

हिन्दुस्तान के अभियान का असर
मतदान प्रतिशत में वृद्धि के पीछे हिन्दुस्तान के अभियान का असर भी है। वोट की चोट अभियान के तहत दूसेर चरण के कई इलाकों में संचार के विभिन्न माध्यमों के जरिए हिन्दुस्तान के पाठकों से वोट की अपील की गई थी। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

जम्मू कस्मीर में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि आखिरी आंकड़ा उपलब्ध होने पर मत प्रतिशत एक से दो फीसदी तक बढ़ सकता है। अलगाववादी नेताओं को जोरदार झटका देते हुए उत्साही मतदाता कई मतदान केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार करते हुए लंबी-लंबी कतारों में नजर आएं।

गौरतलब है कि प्रथम चरण के तहत 15 सीटों पर मतदान 25 नवंबर को हुआ था जिसमें रिकार्ड 71.28 फीसदी वोट पड़े थे। उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी ने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया, जम्मू कश्मीर में दूसरे चरण के चुनाव का जो ताजा आंकड़ा हमारे पास है उसके मुताबिक 71 फीसदी मतदान हुआ है।

जुत्शी ने कहा कि आज के चुनाव के तहत पांच जिलों में 18 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और समूची प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। पांच जिलों में से दो घाटी में हैं जबकि तीन जम्मू में हैं। उन्होंने बताया, इस चरण के तहत चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने की कोई घटना नहीं हुई। रियासी और उधमपुर जिलों में भारी मतदान हुआ।

उप चुनाव आयुक्त ने बताया कि आज का मतदान प्रतिशत 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पड़े 61.04 फीसदी वोट और 2008 के विधानसभा चुनाव के तहत दर्ज किए गए 68.79 फीसदी मतदान से अधिक है। पांच जिलों में हुए मतदान के तहत रियासी में 80 फीसदी, उधमपुर (76), पुंछ (75), कुपवाड़ा (68) और कुलगाम में 60 फीसदी से अधिक वोट डाले गए। जुत्शी ने कहा कि आज के मतदान के दौरान मौसम मददगार रहा और कोई बर्फबारी नहीं हुई।

आज के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की संख्या 15.35 लाख थी। चार मौजूदा विधायक सहित चुनाव मैदान में कुल 175 उम्मीदवार हैं। पिछले दो दिन आतंकवादियों द्वारा दो सरपंचों पर किए गए हमलों के बाद कुलगाम एवं कुपवाड़ा जिलों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इन हमलों एक की मौत हो गई थी।

18 विधानसभा सीटों में उत्तर कश्मीर का कुपवाड़ा जिला सुर्खियों में था क्योंकि अलगाववाद से मुख्यधारा की राजनीति में आए सज्जाद गनी लोन 2009 के लोकसभा चुनाव में असफल रहने के बाद विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
सर्द मौसम और घने कोहरे ने सुबह के समय कुछ इलाकों में व्यवधान डाला लेकिन दिन चढ़ने के साथ साथ मतदाता वोट डालने के लिए उमड़ने लगे।

कई वृद्ध लोगों ने भी मतदान किया। 120 साल के बताए जा रहे आलम दीन नाम के एक व्यक्ति ने अपने इलाके के विकास के लिए पुंछ जिले के सलतोरी में मतदान किया। उन्हें उनके परिवार के सदस्य दो किलोमीटर पैदल चलकर मतदान कराने लाए थे।

मोहम्मद राशिद तीन अन्य लोगों के साथ नियंत्रण रेखा के पास से अपने नाना मोहम्मद हुसैन को करमारा मतदान केंद्र पर लेकर आए। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा सीमा पार से गोलीबारी के खतरों की परवाह नहीं करते हुए सरपंच मोहम्मद आजम 310 अन्य लोगों के साथ नियंत्रण रेखा पर स्थित पुंछ जिले के अति संवेदनशील मतदान केंद्र पर पहुंचे। सलतोरी मतदान केंद्र पर सुबह करीब आठ बजे ईवीएम का बटन दबाने वाले कुछ मतदाताओं में आजम भी शामिल हैं।

आजम ने बताया कि मेरी सुरक्षा और विकास मेरे लिए तथा पुंछ में नियंत्रण रेखा पर रहे लोगों के लिए बहुत अहम है। मेरा वोट संघर्ष विराम कायम रहने और विकास के लिए है। जम्मू क्षेत्र में एवं खासतौर पर पुंछ, जम्मू तथा सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में पाकिस्तानी सैनिकों ने एक अक्तूबर से भारी गोलीबारी की है गोले दागे हैं जिसमें 11 लोग मारे गए हैं। 18 सुरक्षाकर्मी सहित करीब 100 लोग घायल हुए हैं। जुत्शी ने बताया कि राज्य में अब कुल 67.03 लाख रुपया नकद जब्त किया गया है जबकि 254 लीटर शराब और 700 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में पेड न्यूज के भी पांच मामले दर्ज किए गए हैं। 

झारखंड
सबसे ज्यादा मतदान
जगन्नाथपुर में 76%

जम्मू-कश्मीर
सबसे ज्यादा मतदान
रियास में 80%

बैलेट से बुलेट को जवाब: सीमा पार गोलीबारी और आतंकी घुसपैठ की घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित पुंछ और कुपवाड़ा में क्रमश: 78 और 68 प्रतिशत मतदान हुआ।

पहले चरण से बेहतर
62% मतदान झारखंड में हुआ था पहले चरण में चुनाव में
71% वोट पड़े थे कश्मीर में पहले चरण के चुनाव में

इनके जज्बे को सलाम
120 वर्षीय अलामदीन कश्मीर के सलोतरी में मतदान के लिए पहुंचे
107 वर्षीय मोहम्मद हुसैन नियंत्रण रेखा के पास स्थित एक इलाके से करमारा में वोट देने गए

223 प्रत्याशियों की किस्मत झारखंड में ईवीएम में बंद
175 उम्मीदवारों का भाग्य कश्मीर में ईवीएम में बंद

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:झारखंड-कश्मीर में लोगों ने मारी वोट की चोट