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संसद के बाहर और अंदर हंगामा, कांग्रेस का धरना

संसद के बाहर और अंदर हंगामा, कांग्रेस का धरना

केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्यमंत्री निरंजन ज्योति के कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक बयान को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इससे पहले मोदी सरकार को यू टर्न सरकार बताते हुए कांग्रेस ने संसद परिसर में धरना दिया जिसमें पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया।

हंगामें के कारण प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं चल पाया। संसद की कार्यवाही सुबह शरू होते ही लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस, तृणमूल, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, जनता दल यू और वामदलों ने इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया और ज्योति से इस मुद्दे पर माफी मांगने तथा उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की प्रधानमंत्री से मांग की।
 
राज्यसभा में कांग्रेस के आनंद शर्मा, अश्विनी कुमार, दिग्विजय सिंह, सत्यव्रत चतुर्वेदी, मधुसूदन मिस्त्री ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाते हुए कहा कि सरकार के मंत्रियों की भाषा बहुत अभद्र और अश्लील है। आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के दो मंत्रियों ने न केवल अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया है, बल्कि उन्होंने एक समुदाय विशेष को गालियां भी दी हैं। इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
 
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन के आकर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। सपा के रामगोपाल यादव ने मशहूर शायर अदम गौडवी का एक शेर उद्धृत करते हुए कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले मंत्री को जेल जाना चाहिए। लेकिन ये लोग रामनामी चादर ओढ़कर सदन में आ गए हैं।
 
बसपा की मायावती ने भी कहा कि एक महिला मंत्री का इस तरह बयान देना न केवल संविधान की मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी जांच भी करायी जानी चाहिए।
 
विपक्ष के हंगामे को देखते हुए उपसभापति पी जे कूरियन ने कहा कि अगर विपक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहता है तो वह राज्यसभा के नियमों के अंतर्गत इस मामले को उठा सकता है और इस सदन में चर्चा हो सकती है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री मुख्तार अव्बास नकवी ने कहा कि नियम 238 ए के तहत सरकार इस पर चर्चा करा सकती है, लेकिन कांग्रेस के नेता भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।
 
इस पर विपक्ष के सदस्य काफी उत्तेजित हो गए और ज्योति को सदन में बुलाने की मांग करने लगे। हंगामे को देखते हुए कूरियन ने दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

इससे पहले संसद की कार्यवाही से पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के करीब 50 से अधिक सांसदों ने आज संसद परिसर में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उस पर जनता के साथ हर मुद्दे पर धोखा देने का आरोप लगाया।
 
एक तरफ संसद के द्वार पर तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 से अधिक सांसद मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, तो ठीक उनके सामने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास करीब 35 कांग्रेसी सांसद भाजपा सरकार को छह महीने में यू टर्न की सरकार बताते हुए नारेबाजी कर रहे थे। कांग्रेसी सांसदों के साथ राहुल गांधी भी थे।

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