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फर्जी एनकाउंटर मामले में सीओ सहित चार को आजीवन कारावास

सीतापुर। फर्जी इनकाउन्टर मामले में फंसे पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद एसपी ने एक इंस्पेक्टर के निलम्बन की कार्रवाई की। एसपी का कहना है कि डिप्टी एसपी पर कार्रवाई शासन से आदेश पर होगी। गंभीर मामले को लेकर देर रात तक जिम्मेदारों की ओर से मंथन होता रहा। उधर कोर्ट ने दोषियों को जेल भेज दिया है।

12 अक्तूबर 993 में यूपी के शाहजहांपुर जनपद स्थित पुवांया इलाके में फर्जी इनकाउंटर को लेकर सोमवार को पटियाला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने अहम फैसला दिया। इसमें डिप्टी एसपी आरके सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। इनमें डिप्टी एसपी आरके सिंह और इंस्पेक्टर ब्रजलाल वर्तमान में सीतापुर में तैनात रहे हैं। आरके सिंह सीओ सिटी थे। वहीं इंस्पेक्टर ब्रजलाल की तैनाती पुलिस कार्यालय में डीसीआरबी विभाग में है। एसपी राजेश कृष्ण का कहना है कि ब्रजलाल को निलम्बित कर दिया गया है। डिप्टी एसपी के निलम्बन की कार्रवाई शासन के आदेश के बाद होगी। उधर बदलती स्थितियों को लेकर देर रात तक विचार विमर्श किया जाता रहा।

क्या था मामला
सीतापुर। 12 अक्तूबर वर्ष 1993 में लुधियाना निवासी हरजीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में शाहजहांपुर जनपद के पुवांया थाना क्षेत्र में मारा गया। इसमें उस समय के पुवांया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आरके सिंह, दरोगा ब्रजलाल, सिपाही ओमकार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। आरके सिंह बाद में आउट आफ टर्न प्रोन्नति पा गए। वर्तमान में सिपाही ओमकार बाराबंकी जनपद में तैनात रहा है। वहीं चौथे आरोपी पंजाब के डीएसपी हरिन्दर सिंह रहे हैं।

 

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