DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सिनेमा में करुण रस

बाइसिकल थीव्स दुनिया की महानतम फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म ने इटालियन नियो-रियलिज्म को पुख्ता किया। इसमें द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के एक बेरोजगार की कहानी है,  जिसे सरकार की तरफ से नौकरी मिलती है फिल्मों के पोस्टर लगाने की। यह नौकरी उसके दो बच्चों,  बीवी और खुद का पेट पालने के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन अड़चन यह है कि उसके पास एक साइकिल नहीं है। घर की चादर बेचकर मियां-बीवी एक पुरानी साइकिल खरीदते हैं। जब बाप-बेटे काम पर जाते हैं,  तो थोड़ी ही देर में उनकी साइकिल चोरी हो जाती है। यह पूरी फिल्म गरीब आदमी की एकमात्र पूंजी और जीने का सहारा एक पुरानी साइकिल की खोज के बारे में है।

मुझे आज भी याद है कि जब पहली बार यह फिल्म हमारे हॉस्टल में फिल्म सोसाइटी ने दिखाई थी,  तब एक लड़का ऐसा न था,  जो फिल्म के आखिरी दृश्य को देखकर रो न रहा हो। मैं यह कहना चाहूंगा कि साधन रहते हुए,  जिसने यह फिल्म नहीं देखी,  या तुरंत देखने की ललक नहीं रखता,  वह सिनेमा का प्रेमी नहीं हो सकता। .. कई बार शोक से वैराग्य,  कई बार नैराश्य से मानव सब कुछ छोड़ मुक्ति का प्रयास करता है। थ्री कलर्स ब्लू (1993)  की मूल अवधारणा स्वतंत्रता की है। एक संगीतज्ञा अपने पति व पुत्री के कार दुर्घटना में निधन के पश्चात सब कुछ छोड़कर शोक में डूबकर मुक्ति ढूंढ़ रही होती है,  पर अंतत: कर्तव्य की राह पर वापस चलने लगती है। इस तरह शोक का स्थायी भाव भी बदलने के लिए है। शोक के पश्चात शांति है।
जानकी पुल में प्रचंड प्रवीर

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सिनेमा में करुण रस