DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भूमि का सदुपयोग

मौजूदा रेल मंत्री रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर वृक्षारोपण की योजना को अंतिम रूप देने को प्रयासरत हैं। देश के पर्यावरण को दुरुस्त करने में यह एक महत्वपूर्ण सार्थक प्रयास होगा। यह सर्वविदित है कि विकास के नाम पर देश में हरित पट्टी तहस-नहस हो गई है,  जिससे आबोहवा दूषित हुई है। वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड और धूलकण की मात्रा बेहद ज्यादा हो गई है। इस कारण सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी है। यह भी खेदजनक है कि प्रदूषित वातावरण के कारण फेफड़ों और गुर्दो के रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यदि समाज का हर व्यक्ति पर्यावरण के प्रति जागरूक हो,  तो स्वच्छ भारत,  स्वस्थ भारत की सोच साकार हो जाएगी। रेलमंत्री से आग्रह है कि वह अपने प्रयास जारी रखें और ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण कराने का प्रयास करें। पौधारोपण से परिंदों को भी संरक्षण मिलेगा।
कृष्ण मोहन गोयल, अमरोहा, उ.प्र.

विवादों में मंत्री

कहा जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है,  जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक मंत्री पर किसी बैंक का करोडों रुपया बकाया है,  जो उन्होंने तय समय पर बैंक को नहीं लौटाया। एक और मंत्री के घर से करोड़ों रुपये चोरी हुई,  जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं मिला,  शायद ये काले धन का हिस्सा हो। वहीं एक मंत्री पर दबाव डालकर किसी अधिकारों को हटाने का आरोप है। अब ये आरोप सही हैं या गलत,  इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। लेकिन यह सब देखकर जनता में खुशफुसाहट शुरू हो गई है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह वही नरेंद्र मोदी हैं,  जो चुनाव प्रचार में देश की जनता से वादा कर चुके हैं कि वे संसद से अपराधियों का सफाया कर देंगे। क्या नरेंद्र मोदी का यह वादा झूठा था?  यदि नहीं,  तो प्रधानमंत्री ऐसे मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में क्यों शामिल कर रहे हैं?
मोतीलाल जैन,  सूर्या निकेतन,  दिल्ली

भोग के अड्डे

तथाकथित स्वयंभू संत रामपाल जेई के रूप मे तो एक विफल सरकारी कर्मी रहे,  पर संत का चोला ओढ़कर बिना निवेश के अच्छा लाभ देने वाले बाबा के पेशे में सफलता के झंडे गाड़ दिए। उन्होंने करोड़ों-अरबों की संपत्ति बनाई। लेकिन ठीक ही कहा गया है कि विनाश काले विपरीत बुद्धि। अपने कमांडो और सुरक्षा बलों के भरोसे सरकार और देश को ही चुनौती दे बैठे। वहां उनके आश्रम से मिले सामान इस बात के प्रमाण हैं कि वहां क्या कुछ अश्लील होता था। इससे पहले आसाराम के आश्रम में भी यही सब मिला था। वहां से भी करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई थी। इन उदाहरणों से साफ है कि ऐसे आश्रमों में क्या होता है। ऐसे सभी आश्रमों की जांच होनी चाहिए और इनकी संपत्ति सरकारी खजाने में जानी चाहिए। सरकार वहां अपने आदमी बिठाए,  जो आश्रमों को मिलने वाले चंदे इकट्ठा कर सरकारी खाते में जमा कराए।
इंद्र सिंह धिगान,  किंग्जवे कैंप,  दिल्ली

तेरी झाड़ू,  मेरी झाड़ू

जब से अरविंद केजरीवाल ने झाड़ू को अपना चुनाव चिह्न बनाया,  तब से झाड़ू के व्यापार की चांदी हो गई। लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आप’ की झाड़ू को हाईजैक कर उसको स्वच्छता अभियान से जोड़ा,  तब से झाड़ू की पौ बारह हो गई। अब तो एक झाड़ू से आठ-दस निशाने साधे जा रहे हैं। झाड़ू फेरकर कांग्रेस,  आप,  सपा,  बसपा तथा क्षेत्रीय दलों का सफाया करने का मिशन तो नहीं लगता?  झाड़ की बदौलत ही शिवसेना जैसा दल विपक्ष में बैठने को तैयार है। कई के अहंकार पर झाड़ू मारकर सफाई कर दी गई है। देश-विदेश में झाड़ू के भाव आलू की तरह बढ़ गए हैं, परंतु ‘आप’ की झाड़ू की कीमत सोने-चांदी के भावों की तरह धराशायी हुई और मोदी की झाड़ू के भाव सेंसेक्स की तरह चढ़े हैं।
देशबंधु आर्य,  संभल,  उ.प्र.

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भूमि का सदुपयोग