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अब स्टेशन की डॉरमेट्री में ठहर सकेंगीं महिलाएं

अब स्टेशन की डॉरमेट्री में ठहर सकेंगीं महिलाएं

अब स्टेशन की डॉरमेट्री में महिलाएं भी ठहर सकेंगीं। रेलवे बोर्ड के यातायात वाणिज्य (जी) निदेशक एसके अहिरवार ने 27 नवंबर को यह आदेश जारी किया है। पहले महिलाओं के लिए रेलवे स्टेशन में डॉरमेट्री की बुकिंग नहीं होती थी। इन्हें ठहरने के लिए सिर्फ रिटायरिंग रूम दिया जाता था। अब महिलाएं सिर्फ एक फॉर्म भरकर डॉरमेट्री में पुरुष यात्रियों के बीच रुक सकती हैं। फॉर्म में महिलाओं को एक (पुरुषों के बीच ठहरने को तैयार हूं, मुझे कोई दिक्कत नहीं है) कॉलम को भरना होगा। बोर्ड का नया आदेश देश के सभी रेलवे जोनों में भेजा गया है। इस आदेश से रेलवे में लिंग (महिला-पुरुष) का अंतर खत्म हो जाएगा।

डॉरमेट्री में एक साथ लगे होते हैं दर्जनों बेड
डॉरमेट्री के हॉल में दर्जनों बेड एक साथ लगे रहते हैं, जिसमें अब तक पुरुष यात्री ही ठहरते थे। यहां शौचालय भी एक ही होता है। कोई परदा या दीवार न होने के कारण यात्री एक-दूसरे को देख सकते हैं। वहीं रिटायरिंग रूम दो-तीन बेडों का होता है। यात्री इसे अपने घर की तरह इस्तेमाल करते हैं। शौचालय की अलग व्यवस्था रहती है। दरवाजा लॉक की भी सुविधा होती है। 

एक कर्मचारी की रहती है डय़ूटी
डॉरमेट्री और रिटायरिंग रूम के बाहर एक-एक कर्मचारी की डय़ूटी रहती है। कर्मचारी यात्रियों के आने-जाने पर नजर रखने के साथ-साथ बिस्तर और रूम खाली होने की सूचना टिकट केंद्र तक पहुंचाते हैं। वहीं, स्टेशन व प्लेटफॉर्म डय़ूटी के सुरक्षा जवान भी थोड़ी-थोड़ी देर में डॉरमेट्री का चक्कर लगाते हैं।

रकम की होती है बचत
डॉरमेट्री में 24 घंटे के लिए एक साधारण बेड लेने पर दो सौ रुपये लगते हैं। वहीं, एसी बेड लेने पर तीन सौ रुपये देने पड़ते हैं। रिटायरिंग रूम में साधारण डबल बेड के चार सौ और ट्रिपल बेड के छह सौ रुपये चुकाने पड़ते हैं। वहीं, एसी रूम में डबल बेड के आठ सौ और डीलक्स बेड के ग्यारह सौ 25 रुपये देने पड़ते हैं।

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