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हिमाचल : अवैध निर्माण के ‘समर्थन’ में सरकार!

हिमाचल प्रदेश में 20,000 से अधिक अवैध निर्माण को नियमित करने वाले निर्माण से संबंधित एक विधेयक को राज्य विधानसभा में देरी से पेश करने का निर्णय लिया गया है। यह विधेयक पहले पांच दिसंबर से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाना था, जिसके बारे में अब बताया जा रहा है कि यह बजट सत्र में पेश होगा।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह शहर एवं देश योजना (संशोधन) विधेयक को शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में पेश नहीं करने का निर्णय लिया। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि विधेयक अब अगले साल बजट सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।

राज्य के शहर एवं देश योजना विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘विधेयक सदन में पेश किए जाने में देरी इसलिए हो रही है, ताकि कुछ निश्चित बिल्डरों एवं प्रभावशाली लोगों को अवैध निर्माण कार्य पूरा करने के लिए समय मिल जाए और इसके बाद सरकार नए अधिनियम के तहत इन सभी को नियमित कर दे।’’

वहीं, राज्य के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने विधेयक को सदन के पटल पर रखे जाने में देरी के लिए सरकार के निर्णय का यह कहते हुए बचाव किया कि सरकार शिमला शहर के हरित क्षेत्र में प्लॉट के मालिकों को फौरी तौर पर छूट दिए जाने के संबंध में न्यायिक इकाई राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के फैसलों का इंतजार कर रही है।

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