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इबोला के प्रसार का अभी भी भारी खतरा

इबोला के प्रसार का अभी भी भारी खतरा

पश्चिम अफ्रीका में इबोला के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख टोनी बानबरी ने कहा है कि अभी भी इस बात का भारी खतरा बना हुआ है कि इबोला विषाणु दुनिया के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।

बीबीसी द्वारा सोमवार को जारी रपट के अनुसार, बानबरी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अक्टूबर में कहा था कि यदि इस महामारी पर सफलतापूर्वक नियंत्रण करना है तो पहली दिसंबर तक इस बीमारी से संक्रमित सभी लोगों को चिकित्सा निगरानी में लाया जाना चाहिए और 70 प्रतिशत पीड़ितों (मृतकों) को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन सर्वाधिक प्रभावित देशों -गिनी, सिएरा लियोन और लाइबेरिया- में अधिकांश इलाकों में 70 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लेकिन सिएरा लियोन सहित कुछ इलाकों में, खासतौर से यहां की राजधानी फ्रीटाउन और पोर्ट लोको शहर में- हम लक्ष्य से पीछे हैं। और यह उन इलाकों में शामिल है जहां हमें वास्तव में अपने संसाधनों और क्षमताओं को विशेष रूप से लगाना है।

इबोला से अबतक 6,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और इनमें से अधिकांश मौतें पश्चिम अफ्रीका में हुई हैं। और 16,000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि 200 से 300 व्यक्तियों की अभी भी प्रत्येक सप्ताह इस बीमारी से मौत हो रही है।

बानबरी ने कहा कि हमने इस संकट पर नियंत्रण के लिए शुरू में एक रणनीति अपनाई थी, जिसमें इलाज केंद्र, सुरक्षित अंतिम संस्कार और सामुदायिक जागरूकता शामिल थे। यह रणनीति कारगर हुई है।

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