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पाक-ईरान ने सुलझाए मुद्दे

ईरान और पाकिस्तान ने सोमवार को 7.5 अरब डॉलर वाली गैस पाइपलाइन परियोजना से जुड़े सार द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझा लिया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि इस बातचीत से समझौते पर जल्द हस्ताक्षर करने का मार्ग साफ हो गया है। इसके अलावा ईरान ने बिजली की समस्या से जूझ रहे पाकिस्तान को 1,100 मेगावाट बिजली देने पर भी सहमति जताई। यह सहमति पाकिस्तान की यात्रा पर आए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ बैठक के दौरान बनी। बातचीत तकरीबन एक घंटा चली। अहमदीनेजाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति और नई गठबंधन सरकार के नेताओं से मुलाकात करने के लिए सोमवार सुबह इस्लामाबाद की संक्षिप्त यात्रा पर पहुंचे। अहमदीनेजाद के एवान ए सदर पहुंचते ही मुशर्रफ और प्रधानमंत्री यूसुफ गिलानी ने उनकी अगवानी की। उनके सम्मान में सलामी गारद भी पेश किया गया। वर्ष 2005 से सत्ता में आने के बाद अहमदीनेजाद की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि अहमदीनेजाद के साथ बातचीत सकरात्मक रही और इसमें सभी तरह के संबंधों के बारे में व्यापक चर्चा की गई। कुरैशी ने बताया कि ईरान-पाकिस्तान-भारत (आईपीआई) परियोजना शांति और मैत्री को बढ़ावा देगी। दोनों विदेश मंत्रियों को पारस्परिक सुलभता के आधार पर समझौते के लिए तारीख तय करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने सभी मसलों के समाधान पर संतोष व्यक्त किया है, जिनकी वजह से अंतिम समझौते में विलंब हुआ और उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि इससे पाकिस्तान की भविष्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। कुरैशी ने बताया कि ईरान और पाकिस्तान के बीच तरजीह व्यापार समझौता और एक संयुक्त निवेश कंपनी पहले से ही है। ईरान के परमाणु मसले पर पाकिस्तान का रुख पूछने पर कुरैशी ने कहा कि उनका देश शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ईरान के परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल के अधिकार का समर्थन करता है।

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