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राज्य में होगी औषधीय पौधों की

बीएयू के वानिकी संकाय में 2अप्रैल को औषधीय पौधा फैसिलीटेशन केंद्र का उद्घाटन केंद्रीय संयुक्त स्वास्थ्य सचिव शिव बसंत ने किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र राज्य के किसानों को औषधीय पौधों के बार में जानकारी उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि भारत को औषधीय पौधों से 62 मिलियन डॉलर की आय होती है। वर्ष 2020 तक यह तीन बिलियन डॉलर हो जायेगा। औषधीय पौधों के उत्पादन में भारत विश्व में दूसर स्थान पर है। हालांकि चीन से पांच गुना पीछे है। झारखंड का मौसम बागवानी एवं औषधीय पौधों की खेती के लिए अनुकूल है। राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड के सीइओ वीएस साजवान ने राज्य औषधीय पौधा बोर्ड को मजबूत करने की जरूरत बतायी। किसानों को इससे संबंधित सूचना उपलब्ध कराने की बात भी कही। किसानों के लिए पौधों की पहचान, क्वालिटी प्लांटिंग मैटेरियल का उत्पादन करने एवं उसकी तकनीक की जरुरत भी बतायी। वीसी डॉ एनएन सिंह ने कहा कि यह भारत का पहला सेंटर है। औषधीय पौधों का प्रचार-प्रसार रडियो स्टेशन के माध्यम से किया जायेगा। इस सेंटर में बाजार, कीमत एवं उपजाऊ तकनीक के बार में भी जानकारी दी जायेगी। केंद्र का अध्यक्ष डॉ एसजी अब्बास को बनाया गया है। मौके पर डॉ बीएन सिंह, डॉ परमिंदर कौशल, डॉ एके सरकार, डॉ एके सिन्हा, डॉ जीएस दुबे, डॉ आरपी सिंह रतन, नरंद्र प्रसाद भी मौजूद थे।

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