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पूर्व डीएसपी के खिलाफ वारंट

दंगाकांड के अनुसंधान में शिथिलता बरतने वाले अनुसंधानकर्ताओं की अब खर नहीं। डीआईाी ने अनुसंधान में लापरवाही बरतने के आरोप में शाहकुंड के थाना प्रभारी को रविवार को निलंबित कर दिया और तीन अनुसंधानकर्ताओं से लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण पूछा गया है। डीआईाी के कड़े रुख से दंगाकांड का अनुसंधान कर रहे पुलिस पदाधिकारियों में हड़कंप है। सीआईडी के पूर्व डीएसपी के खिलाफ भी कोर्ट से गैरामानतीय वारंट जारी कि या गया है।ड्ढr डीआईाी रघुनाथ प्रसाद सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश पर 1में हुए भागलपुर दंगाकांड की पुन: जांच शुरू की गई है।ड्ढr ड्ढr उनके स्तर से समय-समय पर अटके कांडों की समीक्षा की जा रही है और इसकी रिपोर्ट दंगा जांच आयोग को भेजी जा रही है। शाहकुंड थाना कांड संख्या 1268ा अनुसंधानकर्ता थाना प्रभारी शशिभूषण सिंह को बनाया गया था लेकिन अनुसंधानकर्ता ने कांड के अनुसंधान में घोर लापरवाही बरती है। शाहकुंड थाना प्रभारी ने अपुष्ट साक्ष्य के अभाव में कोर्ट में अंतिम प्रपत्र दाखिल कर दिया है। थाना प्रभारी ने स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया। एसपी को निर्देश दिया गया कि थाना प्रभारी को निलंबित कर अविलंब विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। कांड संख्या 8738े अनुसंधानकर्ता बबरगंज थाना प्रभारी श्रीकांत मंडल से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है।ड्ढr ड्ढr श्रीकांत मंडल ने भी साक्ष्य के अभाव में कोर्ट में अंतिम प्रपत्र दाखिल कर दिया है। डीआईाी ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुसंधानकर्ता को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। कारैली थाना कांड संख्या 2628े अनुसंधानकर्ता ए.के.द्विवेद्वी और विश्वविद्यालय थाना कांड संख्या 8े अनुसंधानकर्ता दारोगा अवधेश कुमार से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है। सीआईडी के पूर्व डीएसपी सूरा राम के खिलाफ भी कोर्ट से गैरामानतीय वारंट जारी किया गया है। पटना एसपी को डीएसपी के खिलाफ वारंट भेज दिया गया है।

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