अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

1 जूृन से 5 दिन पहले मौसम की भविष्यवाणी

भारत मौसम विज्ञान विभाग अब पांच दिन पूर्व मौसम की भविष्यवाणी कर सकेगा। पहली जून से बिहार सहित पूर देश में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। साथ ही जिलावार मौसम का पूर्वानुमान भी बताया जाएगा। मौसम की बेरुखी के चलते खेती में होने वाले नुकसान को कम करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र,कोलकाता के उपमहानिदेशक लादू राम मीणा ने विभाग द्वारा सोमवार को पटना में पहली बार आयोजित डिस्ट्रिक्ट एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विस मीट में यह घोषणा की। इसके पूर्व कृषि विभाग के प्रधान सचिव एनएस माधवन ने मीट का उद्घाटन किया। मीट में कृषि विभाग के अधिकारी व कृषि विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों ने भी भाग लिया।ड्ढr ड्ढr मौसम विज्ञान केन्द्र,पटना के निदेशक डा.टीएन झा ने स्वागत करते हुए मीट के मकसदों पर प्रकाश डाला। श्री मीणा ने कहा कि बिहार से मौसम संबंधी आंकड़े मिलने में देरी से भविष्यवाणी में परशानियां होती हैं। इसलिए पटना मौसम विज्ञान केन्द्र को सुदृढ़ किया जाएगा। अब हम पांच दिन पहले ही यह बता सकेंगे कि तापमान कैसा रहेगा,बारिश होगी कि नहीं, आदि। इससे किसानों को खेती कार्य में सहूलियत हो जाएगी। राज्य सरकार से आग्रह है कि वे मौसम विभाग पर दबाव डाले। श्री माधवन ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि का रोडमैप तैयार कर लिया है। चार सालों में छह हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मौसम विभाग की मदद से सरकार मौसम स्टेशनों की स्थापना करगी। मौसम विज्ञान विभाग,पुणे के एग्रोमेट निदेशक डा.एन चट्टोपाध्याय ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों तक मौसम संबंधी सूचनाएं पहले ही पहुंचानी होगी। आईसीएआर,पटना के निदेशक डा.आरके बत्ता ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग के चलते तापमान में वृद्धि हुई है। इसका कृषि पर पड़ रहा है। मौसम का आकलन सटीक करना संभव नहीं होता है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: 1 जूृन से 5 दिन पहले मौसम की भविष्यवाणी