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शुल्क व कर कटौती का लाभ जनता को मिले : पीएम

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए उनकी सरकार द्वारा किए गए उपायों से महंगाई थमेगी, लेकिन साथ ही कहा कि विश्व समुदाय ने महंगे खाद्य पदार्थों और ईंधन की समस्या के समाधान के लिए कुछ खास नही किया है। डॉ.सिंह ने भारतीय उद्योग परिंसंघ (सीआईआई) की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस चुनौती से पूरी तरह वाकिफ है तथा उसने कीमतों में हाल की बढ़ोत्तरी पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुझे भरोसा है कि हम मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम मूल्य स्थिरता सुनिश्चित कर सकें तो घरेलू आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं अच्छी हैं। इससे आर्थिक वृद्धि को गतिमान रखने में मदद मिलेगी। डॉ.सिंह ने उद्योग व्यापार जगत से विभिन्न वस्तुआें पर कर और शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताआें को पहुंचाने तथा कच्चे माल की लागत में बढोत्तरी को बेअसर करने के लिए कदम उठाने की अपील की, ताकि महंगाई को काबू में रखा जा सके। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महंगाई को काबू में रखने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों का असर आने वाले हफ्तों और महीनों में नजर आने लगेगा। सामान्य मानसून से भी इन प्रयासों में मदद मिलनी चाहिए। लेकिन उन्होंने उद्योग व्यापार जगत से क्षुद्र लाभों से बचने तथा दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के सिल सिलेवार प्रबंधन की बुनियादी जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन उद्योगपतियों का भी सामाजिक दायित्व है कि वे महंगाई को काबू में रखने के लिए सरकार की मदद करें। आने वाले वर्षो में भारत की सुनहरी तस्वीर पेश करते हुए प्रधानमंत्री ने आगाह भी किया कि आर्थिक वृद्धि प्रक्रिया को गतिमान रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। बुनियादी ढांचे की उद्योगों की जरूरत पर उन्होंने कहा कि सड़क, बंदरगाह, नागर विमानन, दूरसंचार, रेलवे और बिजली सरकार की चिंता के मुख्य विषय हैं तथा इन पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि डॉ.सिंह ने कहा कि तात्कालिक चुनौती महंगाई है, जिससे सरकार निबट रही है। इसका आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ता है, देश के लोगों के बीच आय के बंटवारे पर असर होता है तथा इसका हमारे उद्योगों की स्पर्धा पर भी प्रभाव पड़ सकता है। प्रधानमंत्री ने यह भी ध्यान दिलाया कि मुद्रास्फीति बढ़ने के लिए बाहरी कारणों की भूमिका रही है। उन्होंने इस संबंध में विश्व स्तर पर खाद्य और पेट्रोलियम पदाथर्ों की कीमतों में भारी उछाल की चर्चा करते हुए कहा कि इन कारणों पर हमारा खास वश नहीं है। उन्हें अपने स्तर पर क्षतिपूरक उपाय करने हैं, ताकि कीमतों का स्तर सामान्य बना रहे।ं

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  • Web Title: कर कटौती का लाभ जनता को मिले : पीएम