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नीतीश कुमार ने मांझी के बयान पर साधी चुप्पी

विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नन्द किशोर यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से मुख्यमंत्री बने जीतनराम मांङी लगभग रोज ही गैरजिम्मेदाराना और सद्भाव बिगाड़ने वाला बयान दे रहे हैं। केंद्र के मंत्रियों को बिहार आने से रोकने की धमकी इसकी ताजा कड़ी है। सत्तारूढ़ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और महासचिव केसी त्यागी तक मुख्यमंत्री को संयम बरतने की सलाह दे चुके हैं, लेकिन नीतीश कुमार चुप हैं।

मांङी को पता है कि उनको जदयू के नेताओं ने नहीं, नीतीश कुमार ने सीएम बनाया है, इसलिए वह सिर्फ उनके ही कहने पर काम कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने मांङी के बयानों पर चुप्पी साध कर उनका मौन समर्थन किया। वह जानबूझ कर समाज में तनाव फैलाना चाहते हैं। अपनी यात्रा के दौरान वह न तो मांङी के बयानों पर कुछ बोल रहे हैं, न उनकी सरकार की कोई उपलब्धि बता रहे हैं। नीतीश कुमार भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि खुद उन्होंने राजद के कुशासन से लोगों को बचाने का वायदा तोड़ दिया।

श्री यादव ने कहा है कि राज्य में 18 महीनों से विकास ठप है। अपराध बेलगाम हो रहा है। शिक्षक, कर्मचारी, डाक्टर व इंजीनियर असंतोष प्रकट करने के लिए सड़क पर उतर आए हैं। इन सारी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए नीतीश कुमार अपनी शालीनता को ताक पर रख कर भाजपा के खिलाफ कटपीस मंत्री और कनफुकवा पार्टी जैसी घटिया भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन पर लालू प्रसाद की संगत का असर दिख रहा है।

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