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रेलमंत्री सुरेश प्रभु को सौंपी गई प्री फिजबिलिटी रिपोर्ट

रेलमंत्री सुरेश प्रभु को सौंपी गई प्री फिजबिलिटी रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डायमंड हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेनें दौड़ने के सपने को साकार करने के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु जुट गए हैं। रेलवे अधिकारियों ने बुधवार को दिल्ली-चैन्नई बुलेट ट्रेन परियोजना की प्री फिजबिलिटी रिपोर्ट पेश की। इसके मुताबिक लगभग 1800 किलोमीटर दिल्ली-चैन्नई की दूरी महज छह से आठ घंटे में तय की जा सकेगी।

सूत्रों ने बताया कि रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारियों ने बुधवार को रेल मंत्री के समक्ष दिल्ली-चैन्नई बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रस्तुति दी है। प्री फिजबिलिटी रिपोर्ट में परियोजना पर दो लाख करोडम् रुपये खर्च होने का अनुमान है। बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 300 किलेामीटर प्रतिघंटा रहेगी। सूत्रों ने बताया कि आगामी 24 नवंबर को रेलवे अधिकारियों का पांच सदस्यों का दल चीन जाएगा। वहां अधिकारी बुलेट ट्रेन परियेाजना से जुड़ा प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

आरवीएनएल के अधिकारी चीन को परियोजना की प्री फिजबिलिटी रिपोर्ट को पेश करेंगे। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी, निवेश, सुरक्षा आदि पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। दिल्ली-चैन्नई बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर चीन और आरवीएनल के बीच समझौता किया जाएगा। और संयुक्त रूप से स्टडी होगी। हालांकि इसमें वित्तीय सहायता चीन मुहैया कराएगा। इसको पूरा होने में दो साल का वक्त लग सकता है। सूत्रों ने बताया कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अधिकारियों से सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (160-200 किलोमीटर प्रतिघंटा) परियेाजनाओं की जानकारी मांगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड परियेाजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा। यादि इसमें किसी प्रकार की दिक्कतें आती हैं तो इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चैन्नई, चैन्नई-कोलकाता, मुंबई-कोलकाता के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ना चाहते हैं।

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