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रामपाल मामले में चौंकाने वाला खुलासा कर रहा आश्रम

रामपाल मामले में चौंकाने वाला खुलासा कर रहा आश्रम

बरवाला के सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की गिरफ्तारी के बाद आश्रम के बारे में अनेक सनसनीखेज बातें सामने आ रही है। आश्रम से बाहर आ रहे अनुयायियों की मानें तो आश्रम के अंदर भारी मात्रा में हथियार, पेट्रोल, खाली बोतलें, हजारों गुलेल रखी हुई है। इसके अलावा आश्रम में नशीली दवाएं, महिलाओं के अंतवस्त्र व कंडोम तक बिखरे होने के समाचार आ रहे हैं जो इस आश्रम की असलियत को उजागर करते हैं।

आश्रम संचालक रामपाल की गिरफ्तारी के बाद सीआरपीएफ ने इस आश्रम को चारों ओर से घेर रखा है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त होने के बाद उनकी देखरेख में आश्रम का तलाशी अभियान चलेगा। सीआरपीएफ एवं हरियाणा पुलिस के जवान हर गतिविधि पर नजरें रखे हुए हैं। बिना अनुमति किसी को भी आश्रम की ओर नहीं जाने दिया जा रहा। रामपाल की गिरफ्तारी के बाद भी आश्रम में फंसे 3-4 हजार लोगों को वीरवार दोपहर तक बाहर निकाला गया। आश्रम से बाहर आए इन लोगों से आश्रम की सच्चाई सुने तो पैरों तले की जमीन खिसक जाती है। आश्रम से बाहर आए अनुयायियों ने बताया कि वे सतलोक के नाम पर भावनात्मक ठगी का शिकार हो रहे थे। आश्रम में उन्होंने इस प्रकरण के दौरान देखा कि विभिन्न स्थानों पर महिलाओं के अंतवस्त्र बिखरे पड़े हैं तो कहीं कंडोम बिखरे पड़े हैं। ये कंडोम अधिकतर महिलाओं व पुरुषों के बाथरूमों के आसपास है। यही नहीं अनेक महिलाओं ने अपने साथ हुए अनैतिक व्यवहार की बात भी कही है।

एक तरफ जहां सरकारें महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ एक कथित संत के आश्रम में महिलाओं को कितनी इज्जत दी गई, उपरोक्त बातों से साफ है। आश्रम से बाहर आए अनुयायियों ने बताया कि आश्रम में नशीली दवाएं भी रखी जाती है। इसके साथ-साथ पैट्रोल भरने के लिए खाली बोतलें भी भारी मात्रा में रखी हुई है। हो सकता है, इन बोतलों को पैट्रोल बम के रूप में इस्तेमाल किया जाता लेकिन पुलिस के कड़े होते शिकंजे में रामपाल व उनके खासमखास जकड़ते चले गए।

बाहर आए अनुयायियों ने बताया कि यदि पुलिस, सीआरपीएफ व आरएएफ के जवान ऑप्रेशन गिरफ्तारी नहीं शुरू करते तो रामपाल का पकडम् में आना मुश्किल था क्योंकि आश्रम में खाने का इतना भंडार है कि वह दो महीने तक भी चल सकता था। इसके अलावा दाल, चावल, सूखा दूध व अन्य खाद्य सामग्री भारी मात्रा में पड़ी है, वहीं गैस के सिलेंडर भी आश्रम में मौजूद हैं। इसके अलावा रामपाल ने अपने आश्रम में मिनी पैट्रोल पंप भी बनाया हुआ था, जिसमें काफी पैट्रोल स्टोर किया हुआ है। आश्रम में रामपाल के ब्लैक कमांडों की टी-शर्ट भी भारी संख्या में बिखरी पड़ी है, जो वे दबिश के बाद खोलकर भागने का प्रयास कर रहे थे।

रामपाल के आश्रम की बनावट को देखने पर पता चलता है कि आश्रम को धार्मिक कायरे के लिए बनाया ही नहीं गया है। किसी धार्मिक आश्रम की चारदीवारी एक दीवार की हो सकती है लेकिन रामपाल के आश्रम की चार दीवारी तीन-तीन दीवारों की बनाई हुई है। एक चार दीवारी के बाद दूसरी और दूसरी के बाद तीसरी चार दीवारी बनाई हुई है ताकि बाहर तक आश्रम की गतिविधि तो क्या आवाज भी न पहुंचे। आश्रम की चारदीवारियों को देखने से पता चलता है कि निर्माण के समय ही रामपाल के मन में आपराधिक षडम्यंत्र घूम रहा था और इसी उद्देश्य से यह आश्रम बनाया गया था।

कम्प्यूटर लेपटॉप भी होते थे इस्तेमाल
रामपाल का आश्रम किसी साधारण बाबा की तरह नहीं था। इस आश्रम में आधुनिक तकनीक की सभी सुविधाएं भी उपलब्ध थी। आश्रम से बाहर आए लोगों ने बताया कि यहां पर सैंकडमें लेपटॉप, कप्यूटर व टीवी भी रखे हुए हैं। इन लेपटॉप व कम्प्यूटरों का क्या इस्तेमाल होता था और इनमें क्या स्टोरेज किया हुआ है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन लगता नहीं कि सबकुछ ठीकठाक हो।

आठ मंजिला है पूरा आश्रम
रामपाल के सतलोक आश्रम की हैरानीजनक बातें यही समाप्त नहीं होती बल्कि परत दर परत हैरानीजनक बातें सामने आती जा रही है। ज्यों-ज्यों जांच आगे बढ़ेगी, अनेक खुलासे होना बाकी है। फिलहाल रामपाल के आश्रम की बात चल रही है तो यह एक, दो या तीन नहीं बल्कि आठ मंजिला है। आश्रम की ग्राऊंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिल ऊपर तथा दो मंजिल नीचे यानि दो मंजिल की बेसमेंट बनाई हुई है। इन मंजिलों में क्या चलता था, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।

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