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बिकता है बच्चा, खरीदोगे क्या

बिकता है बच्चा, खरीदोगे क्या। यह कोई फिल्मी डायलाग नहीं, बल्कि हकीकत है। भगवान का रूप समङो जाने वाले बच्चों की बाकयदा बोली लगाई जा रही है। वह भी दस या बीस हजार में नहीं, बल्कि पूरे तीन लाख तक में। दावा तो यह है कि दस-दस लाख तक में बच्चों को बेचा गया है। हालिया मामला जिस बच्चाे की खरीद-फरोख्त का है, उसे बेचने वाली महिला हाथरस के किसी गोयल परिवार का बता रही है। हैरत की बात तो यह है कि यह काम किसी मुंबई या फिर दिल्ली जैसे मेट्रो सिटी में नहीं बल्कि अपने अलीगढ़ में ही हो रहा है। हिन्दुस्तान के संवाददाता सतेन्द्र कुलश्रेष्ठ जब महिला के पास बच्चाे का खरीददार बनकर पहुंचे तो इस हैरतअंगेज रैकिट का खुलासा हुआ। पेश स्टिंग का पूरा हाल।

मामला थाना सिविल लाइन के शमशाद मार्केट के पास स्थित एक कॉलोनी का है। बीते कुछ दिनों से खबर मिल रही थी कि कालोनी के एक पुराने घर में बच्चाों की खरीद-फरोख्त का काम हो रहा है। पड़ताल के लिए बुधवार को हिन्दुस्तान की टीम बच्चाे का ग्राहक बनकर जा पहुंची। दरवाजा खटखटाया तो एक तकरीबन 40 साल की महिला आई। दरवाजा खोला और मकसद पूछा। बताया- हमें बच्चा खरीदना है। महिला के चेहरे पर मुस्कान उभर आई। फिर अंदर घर में लेकर आंगन में बैठाया। महिला ने खुद को नर्स बताते हुए बातचीत शुरू की। बताया-बच्चा  हाथरस के एक गोयल परिवार का है। कीमत तीन लाख होगी। संवाददाता बोला- यह तो बहुत ज्यादा है। जवाब मिला- बच्चा काफी स्वस्थ है। दो दिन पहले ही यानि 17 नवंबर को डिलीवरी हुई है।


इस बीच महिला का मोबाइल बजता है। शायद दूसरी तरफ भी कोई ग्राहक है। उससे भी बच्चों की खरीद-फरोख्त की बात होती है। फोन रखने के बाद कहा-यह मुरादाबाद की एक पार्टी है। इन्हे भी बच्चा चाहिए। संवाददाता ने महिला को टटोला और कहा-अब तक कहां-कहां बच्चाे दिए हैं। कुछ देर चुप रही, लेकिन फिर बोली- एक बच्चा उसने पुलिस लाइन और कस्बा गोंडा के एक परिवार में दिया था। काफी लंबी बातचीत के बाद संवाददाता ने फिर बच्चों की सही कीमत के बारे में पूछा। कहा- कुछ कम कर दे। महिला ने कहा- आप ही बता दो क्या देना है। संवाददाता ने बच्चा दिखाए जाने की बात की। महिला बोली- उसे हाथरस जाकर लेकर आऊंगी। फिलहाल आप कुछ एडवांस भी दे जाइए। संवाददाता ने जल्द ही एडवांस देने की बात कही। महिला मुतमुइन दिखी और कहा-वह गुरुवार की सुबह हाथरस जाकर बच्चा लाकर दिखा देगी।

0-स्टिंग ऑपरेशन के दौरान महिला से की गई बातचीत के कुछ अंश
संवाददाता: आपके पास बच्चो कहां से आते हैं।
महिला: आज का जमाना ऐसा है कि लड़कियां बहक जाती हैं, प्यार के चक्कर में पड़कर गलत कदम उठा बैठती है और उनकी जरा सी भूल में यह सब हो जाता है। अब अपनी इज्जत तो सभी को प्यारी है। वहीं बच्चे आते हैं तो उनसे किसी दूसरे का परिवार पूरा हो जाता है।
संवाददाता: बच्चा लेने के बाद अगर 4-5 साल बाद कोई अपना दावा करने आ गया तो।
महिला: आप को किसी से कोई मतलब नहीं है। मेरे पास से बच्चों मिलेगा।
संवाददाता: जयपुर में मेरे एक दोस्त को भी बच्चा चाहिए, लेकिन उन्हे सिर्फ बेटी ही लेनी है।
महिला: बेटी तो बहुत आती हैं, आने दो जैसे ही आएगी तो दिलवा देंगे।
(नोट-हिन्दुस्तान के पास महिला से की गई बातचीत की पूरी वीडियो र्किाडिंग सुरक्षित है।)

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