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पति को सुनाया तबलीगी जमाअत में शामिल होने का फरमान

पत्नी व बच्चे की इच्छा और आकांक्षाओं को दरकिनार कर शराब पीना एक पति को काफी महंगा पड़ा। शराब की लत छुड़ाने के लिए पत्नी ने स्वयं पति को तबलीगी जमाअत में भेजने का फरमान सुनाया है। पत्नी के फरमान पर पंचायत ने मुहर लगा दी है। अरियरी प्रखंड के चोरदरगाह गांव की महिला नासरीन ने यह साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अगले चार माह तक पति गुजरात में अन्य लोगों के साथ इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करेगा।

पति मो. शमशाद की शराब पीने की लत से आजिज नासरीन ने बुधवार को गांव में समाज की पंचायत बुलायी और भरी पंचायत में बुलंद हौसले के साथ कहा कि वह अपने शौहर के साथ तभी रहेगी जब उसका शौहर उसे छोड़कर तबलीगी जमाअत में शामिल होकर पूरे चार माह तक इस्लाम धर्म का प्रचार करेगा। पंचायत ने भी महिला का समर्थन किया तथा शमशाद को तबलीगी जमाअत में शामिल होने के फरमान पर मुहर लगा दी।

स्थानीय मुखिया मो. सरफराज ने बताया कि फिलहाल शमशाद तबलीगी जमाअत में शामिल होकर गुजरात में इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करेगा। मुखिया ने बताया कि नवादा जिले के धमौल गांव की नासरीन की शादी 10 साल पहले चोरदरगाह गांव के मो. शमशाद से हुई थी। काफी प्रयास के बाद भी जब पति ने शराब नहीं छोड़ी तब पत्नी ने यह कदम उठाया है।

क्या है तबलीगी जमाअत
तबलीगी का शाब्दिक अर्थ धर्म का प्रचार करना होता है। जो धर्म का प्रचार-प्रसार करता है उसे तबलीगी और तबलीगियों की जमात को तबलीगी जमाअत कहा जाता है। इस जमात में शामिल लोग अपने धर्म का घूम-घूमकर प्रचार-प्रसार करते हैं। मो. शमशाद चार माह तक अपना खर्च वहन कर इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करेगा।

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