DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऐसी भक्ति देख तो भगवान भी हो जाएंगे दंग

बाबा विश्वनाथ के नाम पहले मकान वसीयत कर दिया फिर उसके बैनामे के एवज में 3 करोड़ रुपए की मांग कर बैठा। बेंगलुरु के भक्त की पैंतरेबाजी देख मंदिर प्रशासन भी अपने पैर वापस खींचने के मूड में है। शुरुआत में भक्त की उदारता से प्रभावित प्रशासन काफी उत्साहित था। दक्षिण भारत में विश्वनाथ मंदिर के नाम पर एक ठौर की व्यवस्था होती दिख रही थी।

बेंगलुरु का एक भक्त बीते सितंबर में काशी आया था। बाबा के दर्शन-पूजन के बाद उसने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी से बाबा के नाम अपना मकान वसीयत करने की इच्छा जताई। अपर मुख्य कार्यपालक पीएन द्विवेदी ने बड़े अफसरों से हरी झंडी मिलने के बाद बात आगे बढ़ाई। मंदिर प्रशासन की ओर से तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी बेंगलुरु भी गए। उनकी सहमति के बाद वसीयत हो गई। वसीयतकर्ता ने मकान नहीं छोड़ा बल्कि अब भी परिवार के साथ उसी में रहता है। स्पष्ट किया कि मृत्यु के बाद मंदिर प्रशासन मकान कब्जे में ले सकता है। मंदिर प्रशासन भी मान गया।

बाद में वसीयतकर्ता ने मंदिर प्रशासन से संपर्क किया कि उक्त मकान का बैनामा करा लें, एवज में 3 करोड़ रुपए की मांग की। इस नए प्रस्ताव पर मंदिर प्रशासन चौंक गया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एके अवस्थी ने कहा कि नई संपत्ति यदि खरीदनी भी पड़े तो इतनी दूर जाने की क्या जरूरत! बेंगलुरु के भक्त ने अपनी ओर से पहल की और वसीयत कर दी। अब बैनामे का प्रस्ताव अव्यावहारिक है। उन्होंने बताया कि वसीयत अभी प्रभावी है मगर चूंकि मकान में वसीयतकर्ता अभी आबाद है। इसलिए कुछ कहा भी नहीं जा सकता। फिलहाल, मंदिर प्रशासन की उक्त मकान में बहुत रुचि नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ऐसी भक्ति देख तो भगवान भी हो जाएंगे दंग