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सेना भर्ती में भी अब होगा डोप टेस्ट, हो सकती है जेल

शक्तिवर्धक दवाएं या ड्रग्स लेकर सेना भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के लिए दौड़ने वालों को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। सेना ने भर्ती परीक्षा में आने वालों के लिए डोप टेस्ट की व्यवस्था शुरू कर दी है। हाल में पंजाब में हुई भर्ती रैली में डोप टेस्ट की शुरूआत की गई है। अब मेरठ में होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए भी यहां डोप टेस्टिंग किट मुहैया कराई जा रही हैं।

मेरठ सेना भर्ती का बड़ा केंद्र है। हर साल यहां होने वाली भर्ती रैलियों में बड़ी संख्या में नौजवान शामिल होते हैं। सेना भर्ती परीक्षा में अब तक ऐसा कोई संदेह नहीं किया जाता था कि कोई नौजवान शक्तिवर्धक दवाएं या ड्रग्स लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा में उतर रहा है। हाल के दिनों में पंजाब में हुई कुछ भर्तियों में ऐसे मामले सामने आए। इस पर सेना ने भर्ती रैली सेंटरों को डोप टेस्टिंग किट मुहैया कराई हैं। सेना में भर्ती के लिए 1.6 किलोमीटर की दौड़ होती है जिसे पास करने के लिए कुछ नौजवान शक्तिवर्धक दवाएं लेते हैं। डायरेक्टर जनरल रिक्रूटमेंट लेफ्टिनेंट जनरल बी. पामा कहते हैं कि देश में यह पहली बार हुआ है जब सेना ने भर्ती रैली में डोप टेस्ट किया गया। हाल में बंगलौर में सेना भर्ती से जुड़े अफसरों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया था। देश के विभिन्न स्थानों पर हुई भर्ती रैलियों में बड़े पैमाने पर खाली इंजेक्शन और सीरींज पाई गईं हैं। इससे यह अंदाजा लगाया गया है कि युवा ड्रग्स के जरिए स्टेमिना बढ़ाकर शारीरिक दक्षता परीक्षा में उतर रहे हैं।

कैसे होगा डोप टेस्ट
डोप टेस्ट आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी ) करेगी। यूएस निर्मित 250 रुपये कीमत की एक ड्रग टेस्टिंग किट इसके लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह यूरिन टेस्टिंग किट होती है। इस किट के जरिए शक्तिवर्धक दवाओं, चरस, हेरोइन, स्मैक, ओपियम, केनाबेलिस का पता चल जाता है। नसों में इंजेक्शन, कफ सीरप या एसीओमिनोफेन लिए जाने को भी इससे पकड़ा जा सकेगा। इस किट की खामी यह है कि यह प्रोफशनल खिलाड़ियों द्वारा ली जाने वाली ड्रग्स की पहचान नहीं कर सकती है। लेकिन ऐसी ड्रग्स आमतौर पर बहुत महंगी और आसानी से उपलब्ध होने वाली नहीं होती हैं। माना जा रहा है कि सेना में भर्ती होने के लिए आने वाले नौजवान ऐसी ड्रग इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। टेस्ट के लिए शक के आधार पर युवकों को सलेक्ट किया जाएगा। आमतौर पर ऐसी दवाएं लेने वालों की गतिविधियां और बॉडी लैंग्वेज बदल जाती है। करीब 1.6 किलोमीटर की दौड़ करते ही एकसा व्यक्ति पस्त हो जाता है।सेना भर्ती में भी अब होगा डोप टेस्ट, हो सकती है जेल

मेरठ। मुख्य संवाददाता
शक्तिवर्धक दवाएं या ड्रग्स लेकर सेना भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के लिए दौड़ने वालों को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। सेना ने भर्ती परीक्षा में आने वालों के लिए डोप टेस्ट की व्यवस्था शुरू कर दी है। हाल में पंजाब में हुई भर्ती रैली में डोप टेस्ट की शुरूआत की गई है। अब मेरठ में होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए भी यहां डोप टेस्टिंग किट मुहैया कराई जा रही हैं।

मेरठ सेना भर्ती का बड़ा केंद्र है। हर साल यहां होने वाली भर्ती रैलियों में बड़ी संख्या में नौजवान शामिल होते हैं। सेना भर्ती परीक्षा में अब तक ऐसा कोई संदेह नहीं किया जाता था कि कोई नौजवान शक्तिवर्धक दवाएं या ड्रग्स लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा में उतर रहा है। हाल के दिनों में पंजाब में हुई कुछ भर्तियों में ऐसे मामले सामने आए। इस पर सेना ने भर्ती रैली सेंटरों को डोप टेस्टिंग किट मुहैया कराई हैं। सेना में भर्ती के लिए 1.6 किलोमीटर की दौड़ होती है जिसे पास करने के लिए कुछ नौजवान शक्तिवर्धक दवाएं लेते हैं। डायरेक्टर जनरल रिक्रूटमेंट लेफ्टिनेंट जनरल बी. पामा कहते हैं कि देश में यह पहली बार हुआ है जब सेना ने भर्ती रैली में डोप टेस्ट किया गया। हाल में बंगलौर में सेना भर्ती से जुड़े अफसरों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया था। देश के विभिन्न स्थानों पर हुई भर्ती रैलियों में बड़े पैमाने पर खाली इंजेक्शन और सीरींज पाई गईं हैं। इससे यह अंदाजा लगाया गया है कि युवा ड्रग्स के जरिए स्टेमिना बढ़ाकर शारीरिक दक्षता परीक्षा में उतर रहे हैं।

कैसे होगा डोप टेस्ट
डोप टेस्ट आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी ) करेगी। यूएस निर्मित 250 रुपये कीमत की एक ड्रग टेस्टिंग किट इसके लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह यूरिन टेस्टिंग किट होती है। इस किट के जरिए शक्तिवर्धक दवाओं, चरस, हेरोइन, स्मैक, ओपियम, केनाबेलिस का पता चल जाता है। नसों में इंजेक्शन, कफ सीरप या एसीओमिनोफेन लिए जाने को भी इससे पकड़ा जा सकेगा। इस किट की खामी यह है कि यह प्रोफशनल खिलाड़ियों द्वारा ली जाने वाली ड्रग्स की पहचान नहीं कर सकती है। लेकिन ऐसी ड्रग्स आमतौर पर बहुत महंगी और आसानी से उपलब्ध होने वाली नहीं होती हैं। माना जा रहा है कि सेना में भर्ती होने के लिए आने वाले नौजवान ऐसी ड्रग इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। टेस्ट के लिए शक के आधार पर युवकों को सलेक्ट किया जाएगा। आमतौर पर ऐसी दवाएं लेने वालों की गतिविधियां और बॉडी लैंग्वेज बदल जाती है। करीब 1.6 किलोमीटर की दौड़ करते ही एकसा व्यक्ति पस्त हो जाता है।

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