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सासाराम जेल में बंद कई नक्सलियों को एचआइवी

सासाराम जेल में बंद भाकपा माओवादी संगठन के कई सदस्य एड्स से पीड़ित हैं। इसका खुलासा मंगलवार को गया मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे नक्सली कैदियों की जांच से हुआ। पुलिस अभिरक्षा में आये इन कैदियों की जांच गया एआरटी सेंटर पर की गई। जांच में पता चला कि इन सबों को पॉजिटिव है। जांच के बाद कैदियों को सेंटर से दवा मुहैया कराई गई। 

संगठन में रहकर हुआ रोग
एआरटी सेंटर में जांच के दौरान सासाराम जोन के पूर्व एरिया कमांडर रहे सदस्य ने हिन्दुस्तान को बताया कि हमलोगों का क्षेत्र यूपी के चंदौली एवं कैमूर का पूरा इलाका पड़ता था। सालों साल घर नहीं जा पाते थे। संगठन में रहते हुए ही ये एचआईवी से पीड़ित हुए हैं। आत्मसमर्पण के पहले उसे इस बीमारी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। एक बार जेल में बीमार पड़ने पर दी गई दवा का असर नहीं हुआ। ब्लड जांच में उसे एचआईवी पॉजिटिव निकला। उन्होंने बताया कि जेल में बंद मुझ जैसे अन्य कई सदस्य भी एचआईवी पजिटिव हैं।

तत्कालीन एसपी मनु महाराज के समक्ष किया था समर्पण
नक्सली सदस्य ने बताया कि 19 नवम्बर 2012 को सासाराम के तत्कालीन एसपी मनु महाराज तथा जगन्नाथपुर पंचायत के मुखिया के अथक प्रयास के बाद दर्जनों नक्सली सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्हें पुनर्वास व सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन मनु महाराज के स्थानांतरित होते ही सरकार ने मुंह मोड़ लिया है। पूरा परिवार भूखों मरने की स्थिति में है। 

बयान
सासाराम जेल से आये दो कैदी पहले से ही एचआईवी पीड़ित थे। यहां से उनकी बीमारी का विधिवत इलाज शुरू किया गया है।
डॉ. आलम, एआरटी सेंटर एएनएमएमसीएच

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